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परिषद बैठक में उठा संबल योजना का मुद्दा, MIC सदस्य बोलीं- 4 साल से जानकारी नहीं दे रहे अफसर

परिषद बैठक में उठा संबल योजना का मुद्दा, MIC सदस्य बोलीं- 4 साल से जानकारी नहीं दे रहे अफसर

नगर परिषद की बैठक में संबल योजना से जुड़े मामलों को लेकर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। बैठक के दौरान एमआईसी सदस्य ने आरोप लगाया कि संबल योजना से संबंधित जानकारी मांगने के बावजूद अधिकारी पिछले चार साल से उन्हें पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। उन्होंने परिषद की बैठक में इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए अधिकारियों से जवाब मांगने की बात कही।

बैठक में विभिन्न विकास कार्यों और नगर परिषद से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान संबल योजना का मामला सामने आया। एमआईसी सदस्य ने कहा कि लंबे समय से योजना से जुड़े हितग्राहियों और मामलों की जानकारी मांगी जा रही है, लेकिन संबंधित अधिकारी इस मामले में स्पष्ट जानकारी देने से बच रहे हैं।

चार साल से जानकारी नहीं मिलने का आरोप

एमआईसी सदस्य ने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि संबल योजना के संबंध में कई बार जानकारी मांगी गई। इसके बावजूद चार साल बीतने के बाद भी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतनी लंबी अवधि के बाद भी रिकॉर्ड और जानकारी उपलब्ध कराने में देरी क्यों हो रही है।

उन्होंने परिषद के सामने यह मुद्दा रखते हुए कहा कि जनहित से जुड़ी योजना में पारदर्शिता जरूरी है। यदि किसी योजना के हितग्राहियों, स्वीकृत प्रकरणों या भुगतान से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो उसे समय पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

अधिकारियों से जवाब मांगने की मांग

बैठक में सदस्य ने संबंधित अधिकारियों से इस मामले में स्पष्ट जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि रिकॉर्ड उपलब्ध है तो उसे परिषद के सामने रखा जाना चाहिए और यदि किसी कारण से जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है तो उसकी वजह बताई जानी चाहिए।

संबल योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को विभिन्न परिस्थितियों में आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभ दिए जाते हैं। ऐसे में योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और पात्र हितग्राहियों तक समय पर लाभ पहुंचना महत्वपूर्ण है।

बैठक में उठे अन्य मुद्दे

नगर परिषद की बैठक के दौरान संबल योजना के अलावा स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। पार्षदों और सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं परिषद के सामने रखीं और अधिकारियों से उनके समाधान की मांग की।

बैठक में अधिकारियों की जवाबदेही और परिषद के सदस्यों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। सदस्यों ने कहा कि परिषद की बैठकों में उठाए जाने वाले सवालों का समयबद्ध तरीके से जवाब मिलना चाहिए, ताकि जनता से जुड़े मामलों में निर्णय लिए जा सकें।

संबल योजना को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद अब संबंधित विभाग से रिकॉर्ड और जानकारी मांगे जाने की संभावना है। यदि चार साल से लंबित जानकारी परिषद को उपलब्ध कराई जाती है, तो योजना के तहत हुए काम और लाभार्थियों से जुड़े मामलों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल बैठक में उठे इस मुद्दे को लेकर अधिकारियों के जवाब का इंतजार है।

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