राहगीरों की सुरक्षा के लिए बना फुट ओवरब्रिज खुद असुरक्षित, लोहे की प्लेटों में सुराख; सीढ़ियां सड़ीं और सुरक्षा जालियां टूटीं
राहगीरों को सड़क पार करने के दौरान हादसों से बचाने और सुरक्षित आवाजाही की सुविधा देने के लिए बनाए गए फुट ओवरब्रिज की हालत ही अब चिंता का कारण बन गई है। पुल पर लोहे की प्लेटों में सुराख हो गए हैं, सुरक्षा जालियां और पैनल टूट चुके हैं। वहीं, सीढ़ियां भी सड़ने लगी हैं। ऐसे में इस फुट ओवरब्रिज से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फुट ओवरब्रिज का निर्माण इस उद्देश्य से किया जाता है कि पैदल यात्रियों को व्यस्त सड़कों पर वाहनों के बीच से गुजरने की जरूरत न पड़े। इससे सड़क हादसों की आशंका कम होती है और यातायात व्यवस्था भी सुचारु रहती है। लेकिन जब यही पुल रखरखाव के अभाव में जर्जर होने लगे तो इसका इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
लोहे की प्लेटों में हो गए सुराख
फुट ओवरब्रिज की स्थिति ऐसी हो गई है कि इसके कई हिस्सों में लगी लोहे की प्लेटें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। प्लेटों में सुराख होने से पैदल चलने वालों को संभलकर चलना पड़ता है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए यहां से गुजरना जोखिम भरा हो सकता है।
इसके अलावा पुल पर सुरक्षा के लिए लगाई गई जालियां और पैनल भी कई जगह से टूटे हुए हैं। इनकी खराब स्थिति के कारण पुल पर सुरक्षा व्यवस्था कमजोर दिखाई देती है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है।
सीढ़ियां सड़ने से बढ़ा खतरा
फुट ओवरब्रिज की सीढ़ियों की हालत भी खराब है। सीढ़ियों के सड़ने और क्षतिग्रस्त होने से लोगों को चढ़ने-उतरने में परेशानी हो रही है। रोजाना इस पुल का इस्तेमाल करने वाले राहगीरों के लिए यह समस्या अधिक गंभीर है। बारिश और नमी के कारण सीढ़ियों की स्थिति और खराब होने की आशंका रहती है।
टूटे पैनल और जालियों की मरम्मत जरूरी
स्थानीय स्तर पर इस तरह की खराब व्यवस्थाओं को लेकर सबसे बड़ी चिंता यह है कि सुरक्षा के लिए बनाए गए ढांचे का समय पर रखरखाव नहीं हो रहा है। फुट ओवरब्रिज की मरम्मत में देरी राहगीरों के लिए खतरा बन सकती है।
लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग पुल का तकनीकी निरीक्षण कराए। लोहे की प्लेटों को बदला जाए, टूट चुकी सुरक्षा जालियों और पैनलों की मरम्मत की जाए तथा खराब सीढ़ियों को दुरुस्त किया जाए।
फुट ओवरब्रिज का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित रास्ता देना है। इसलिए इसकी नियमित जांच और रखरखाव जरूरी है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले ही खामियों को दूर किया जा सके।

