महाकाल की पहली सवारी 3 अगस्त को निकलेगी, 1100 वैदिक बटुक करेंगे मंत्रोच्चार; इस बार छह सवारियों का रहेगा आयोजन
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर की श्रावण-भादौ माह में निकलने वाली भव्य सवारियों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। इस वर्ष महाकाल की पहली सवारी 3 अगस्त को निकाली जाएगी। सवारी को लेकर मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
इस बार श्रावण माह में भगवान महाकाल की चार और भादौ माह में दो सवारियां निकाली जाएंगी। खास बात यह है कि प्रत्येक सवारी को अलग-अलग थीम पर आयोजित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव का नया स्वरूप देखने को मिलेगा।
पहली सवारी की थीम रहेगी वैदिक उद्बोधन
महाकालेश्वर की पहली सवारी की थीम 'वैदिक उद्बोधन' रखी गई है। इसके तहत सवारी के शिप्रा तट पर पहुंचने के दौरान विशेष वैदिक आयोजन किया जाएगा। शिप्रा तट पर 1100 वैदिक बटुक एक साथ मंत्रोच्चार कर भगवान महाकाल की अर्चना करेंगे।
वैदिक मंत्रों के इस सामूहिक उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाएगा। आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
श्रावण-भादौ में निकलेंगी छह सवारियां
परंपरा के अनुसार, श्रावण और भादौ माह में भगवान महाकाल नगर भ्रमण पर निकलते हैं। इस दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन और सवारी के स्वागत के लिए उज्जैन पहुंचते हैं।
इस वर्ष श्रावण माह में चार सवारियां और भादौ माह में दो सवारियां आयोजित होंगी। प्रत्येक सवारी में भगवान महाकाल के विभिन्न स्वरूपों की झलक देखने को मिलेगी। मंदिर प्रशासन ने सभी सवारियों के लिए अलग-अलग धार्मिक थीम निर्धारित की है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान
महाकाल की सवारियों में देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। सवारी मार्ग, दर्शन व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
भक्तों में उत्साह का माहौल
महाकाल की सवारी को लेकर उज्जैन सहित आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। भक्त बाबा महाकाल के जयकारों के साथ सवारी में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
पहली सवारी में वैदिक मंत्रों का विशेष आयोजन इस बार आकर्षण का केंद्र रहेगा। धार्मिक नगरी उज्जैन एक बार फिर बाबा महाकाल की भक्ति और आस्था के रंग में रंगने के लिए तैयार है।

