फिल्म 'अपरिचित' की तरह मल्टी-किरदार दिखा रहा सिरफिरा, एयरफोर्स स्टेशन पर फेंका पेट्रोल बम; IB से बोला- इंसानी दिमाग हैक करने की डिवाइस बनाई
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने भारतीय वायुसेना के स्टेशन के गेट पर पेट्रोल बम फेंक दिया। पूछताछ के दौरान युवक ने ऐसे दावे किए, जिन्हें सुनकर जांच एजेंसियां भी चौंक गईं। आरोपी ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारियों को बताया कि एयरफोर्स ने इंसानी दिमाग को हैक करने वाली डिवाइस बना ली है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब उसके मानसिक स्थिति और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं।
जानकारी के अनुसार, यह घटना ग्वालियर के महाराजपुरा स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर हुई। आरोपी ने स्टेशन के गेट पर पेट्रोल बम फेंका, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। घटना के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि वह सोशल मीडिया और बातचीत में अलग-अलग व्यक्तित्व और किरदारों की बातें करता था।
बताया जा रहा है कि आरोपी खुद को फिल्म 'अपरिचित' के मुख्य किरदार की तरह कई व्यक्तित्व वाला बताता था। वह कभी वैज्ञानिक, कभी अधिकारी और कभी किसी अन्य भूमिका में होने का दावा करता था। इसी तरह के अजीब व्यवहार के कारण जांच एजेंसियों को उसके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी संदेह हुआ।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने IB अधिकारियों के सामने दावा किया कि एयरफोर्स ने ऐसी तकनीक विकसित कर ली है, जिससे इंसानी दिमाग को नियंत्रित या हैक किया जा सकता है। उसने यह भी कहा कि वह इस कथित तकनीक के खिलाफ कार्रवाई करना चाहता था। हालांकि, जांच एजेंसियां उसके दावों की वास्तविकता और उसके पीछे की वजहों की पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह के विचारों और अजीब व्यवहार के कारण चर्चा में था। मेडिकल जांच में भी उसके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं की जांच की गई है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे किसी साजिश, व्यक्तिगत कारण या मानसिक असंतुलन, सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
एयरफोर्स स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान पर पेट्रोल बम फेंके जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां आरोपी के संपर्क, उसके सोशल मीडिया अकाउंट और उसके द्वारा किए गए अन्य दावों की जानकारी जुटा रही हैं।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के बयान और उसके व्यवहार को समझने के लिए विशेषज्ञों की मदद भी ली जा सकती है। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने यह कदम क्यों उठाया और क्या वह किसी अन्य गतिविधि में भी शामिल था

