बिहार विधान परिषद में सदस्यता खत्म कराने की मांग उठाएंगे जन सुराज के हारे प्रत्याशी, कार्यकारी सभापति से करेंगे मुलाकात
बिहार की राजनीति में विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद एक नया विवाद सामने आया है। जन सुराज के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी रहे अफाक अहमद और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी रहे विमोहन कुमार अब चुनाव परिणाम के बाद जीते हुए प्रत्याशियों की सदस्यता खत्म कराने की मांग उठाने की तैयारी में हैं। दोनों नेता बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति से मुलाकात करेंगे और इस संबंध में अपना पक्ष रखेंगे।
जानकारी के मुताबिक, जन सुराज के दोनों पूर्व प्रत्याशी कार्यकारी सभापति से मिलकर सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित बंशीधर और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित राहुल राज की विधान परिषद सदस्यता समाप्त करने का आग्रह करेंगे। इस मुलाकात को बिहार की राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दोनों प्रत्याशियों ने उठाए चुनाव से जुड़े सवाल
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के प्रत्याशी रहे अफाक अहमद और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी रहे विमोहन कुमार का कहना है कि जीते हुए प्रत्याशियों की सदस्यता के संबंध में कार्यकारी सभापति के सामने अपनी मांग रखेंगे। दोनों नेताओं की ओर से इस संबंध में औपचारिक आग्रह किए जाने की तैयारी है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सदस्यता समाप्त करने की मांग के पीछे कौन से विशिष्ट कानूनी और तथ्यात्मक आधार प्रस्तुत किए जाएंगे। ऐसे में कार्यकारी सभापति के सामने दोनों नेताओं की ओर से रखे जाने वाले तर्क और दस्तावेज महत्वपूर्ण होंगे।
कार्यकारी सभापति से करेंगे मुलाकात
दोनों नेता बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति से मुलाकात कर अपनी शिकायत और मांग से अवगत कराएंगे। वे चाहते हैं कि इस मामले में संबंधित पक्षों की दलीलों और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए उचित निर्णय लिया जाए।
विधान परिषद की सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया निर्धारित संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के तहत होती है। किसी निर्वाचित सदस्य की सदस्यता खत्म करने के लिए केवल राजनीतिक मांग पर्याप्त नहीं होती, बल्कि इसके लिए संबंधित नियमों और कानूनी आधारों पर विचार करना जरूरी होता है।
मामले पर राजनीतिक हलचल बढ़ने के आसार
जन सुराज के दोनों प्रत्याशियों की ओर से सदस्यता समाप्त करने की मांग उठाए जाने से बिहार विधान परिषद की राजनीति में हलचल बढ़ सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि कार्यकारी सभापति के सामने दोनों नेता क्या तथ्य और दस्तावेज रखते हैं तथा इस मामले में आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है।
फिलहाल यह मुलाकात और सदस्यता समाप्त करने की मांग प्रस्तावित है। कार्यकारी सभापति की ओर से इस पर कोई निर्णय या कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

