आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश: फराज जेल भेजा गया, नईम 20 जून तक रिमांड पर; मोबाइल लिंक खंगालने देवबंद जाएगी ATS
संदिग्ध आतंकी नेटवर्क से जुड़े मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है। मामले में गिरफ्तार आरोपी फराज को अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया है, जबकि दूसरे आरोपी नईम को 20 जून तक रिमांड पर भेजा गया है। जांच एजेंसियां अब दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड से मिले सुरागों के आधार पर नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान मिले इनपुट और मोबाइल फोन से प्राप्त कुछ महत्वपूर्ण लिंक के आधार पर एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की टीम उत्तर प्रदेश के देवबंद भी जा सकती है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों के संपर्क किन लोगों से थे और उनका नेटवर्क कितना व्यापक था।
अधिकारियों के अनुसार, नईम से रिमांड के दौरान लगातार पूछताछ की जा रही है। उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और चैट हिस्ट्री की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इससे कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
वहीं, फराज को न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने के बाद भी जांच जारी रहेगी। जरूरत पड़ने पर एजेंसियां उसे दोबारा पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर ला सकती हैं। जांच का मुख्य फोकस आरोपियों के संपर्कों, वित्तीय लेन-देन और संभावित सहयोगियों की पहचान पर है।
सूत्रों का कहना है कि देवबंद से जुड़े कुछ डिजिटल और संपर्क संबंधी सुराग सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि के लिए ATS की टीम वहां जाकर पड़ताल कर सकती है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
जांच एजेंसियां मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आरोपियों का संबंध किसी संगठित नेटवर्क से था या नहीं। फिलहाल पूरे मामले पर सुरक्षा एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं और आगे की कार्रवाई पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

