Samachar Nama
×

कार्यवाहक पुलिसकर्मियों पर डिमोशन की तलवार: 15 हजार जवानों में बढ़ी चिंता, खराब एसीआर या सजा मिलने पर उतर सकती है स्टार वाली वर्दी

कार्यवाहक पुलिसकर्मियों पर डिमोशन की तलवार: 15 हजार जवानों में बढ़ी चिंता, खराब एसीआर या सजा मिलने पर उतर सकती है स्टार वाली वर्दी

राजस्थान पुलिस में कार्यवाहक (ऑफिशिएटिंग) पदों पर कार्यरत करीब 15 हजार पुलिसकर्मियों की चिंता बढ़ गई है। विभाग में ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, जिनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) संतोषजनक नहीं है या जिनके खिलाफ विभागीय सजा दर्ज है। ऐसे मामलों में उन्हें कार्यवाहक पद से हटाकर उनके मूल पद पर भेजा जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो स्टार लगी वर्दी पहन रहे हजारों पुलिसकर्मियों को फिर से पुराने पद पर लौटना पड़ सकता है।

दरअसल, राजस्थान पुलिस में लंबे समय से कई पुलिसकर्मी नियमित पदोन्नति के बजाय कार्यवाहक व्यवस्था के तहत उच्च पदों पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इनमें कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल से सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) और एएसआई से उपनिरीक्षक (एसआई) जैसे पद शामिल हैं। हालांकि यह व्यवस्था अस्थायी होती है और विभागीय नियमों के तहत किसी भी समय इसकी समीक्षा की जा सकती है।

एसीआर और विभागीय रिकॉर्ड बनेगा आधार

सूत्रों के अनुसार पुलिस मुख्यालय ने कार्यवाहक पदों पर तैनात कर्मियों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। इसमें संबंधित पुलिसकर्मी की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर), सेवा रिकॉर्ड, अनुशासन, कार्य प्रदर्शन और विभागीय कार्रवाई का पूरा ब्यौरा देखा जाएगा। जिन कर्मचारियों की एसीआर प्रतिकूल पाई जाएगी या जिन पर विभागीय दंड दर्ज है, उनके कार्यवाहक पद को समाप्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।

स्टार वाली वर्दी छिनने का बढ़ा डर

कार्यवाहक पद मिलने के बाद पुलिसकर्मियों को उच्च पद के अनुसार स्टार और रैंक का अधिकार मिल जाता है। यदि विभाग उन्हें मूल पद पर वापस भेजता है तो उनकी स्टार वाली वर्दी भी उतर जाएगी। यही वजह है कि पुलिस महकमे में इस संभावित कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है और हजारों पुलिसकर्मियों के बीच चिंता का माहौल है।

लंबे समय से लंबित है नियमित पदोन्नति

पुलिस विभाग में कई वर्षों से नियमित पदोन्नति प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी है। इसी कारण बड़ी संख्या में कर्मचारियों को कार्यवाहक पदों पर जिम्मेदारी दी गई थी ताकि प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो। लेकिन अब विभाग सेवा रिकॉर्ड के आधार पर इस व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है।

अच्छे रिकॉर्ड वालों को नहीं होगी परेशानी

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिन पुलिसकर्मियों का सेवा रिकॉर्ड बेहतर है, एसीआर अच्छी है और जिन पर कोई गंभीर विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। समीक्षा प्रक्रिया का उद्देश्य केवल नियमों के अनुरूप कार्यवाहक पदों का मूल्यांकन करना है।

पुलिस महकमे में बढ़ी हलचल

इस संभावित कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। कई कार्यवाहक पुलिसकर्मी अपने सेवा रिकॉर्ड और एसीआर की स्थिति को लेकर जानकारी जुटा रहे हैं। वहीं कर्मचारी संगठनों की भी इस पूरे मामले पर नजर बनी हुई है। यदि बड़ी संख्या में कार्यवाहक पद समाप्त किए जाते हैं तो इसका असर पुलिस बल की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों के मनोबल पर भी पड़ सकता है।

फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस मुख्यालय के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं। समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितने पुलिसकर्मियों को कार्यवाहक पद पर बनाए रखा जाएगा और कितनों को उनके मूल पद पर वापस भेजा जाएगा।

Share this story

Tags