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भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई: मंदिर घोषित करने के फैसले को चुनौती, मुस्लिम पक्ष की 5 याचिकाएं

भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई: मंदिर घोषित करने के फैसले को चुनौती, मुस्लिम पक्ष की 5 याचिकाएं

मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। मामला भोजशाला परिसर को मंदिर घोषित करने से जुड़े इंदौर हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं से जुड़ा है। मुस्लिम पक्ष की ओर से इस मामले में कुल पांच याचिकाएं दायर की गई हैं। अब सुप्रीम कोर्ट में इन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े कानूनी और ऐतिहासिक पहलुओं पर चर्चा हो सकती है।

भोजशाला लंबे समय से धार्मिक और ऐतिहासिक विवाद का केंद्र रही है। हिंदू पक्ष इसे वाग्देवी यानी मां सरस्वती का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष परिसर को कमाल मौला मस्जिद से जुड़ा स्थल बताता है। इसी विवाद को लेकर अलग-अलग अदालतों में कानूनी लड़ाई चल रही है।

हाईकोर्ट के फैसले को दी गई चुनौती

मुस्लिम पक्ष ने इंदौर हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें भोजशाला से जुड़े विवाद में हिंदू पक्ष के दावे के पक्ष में महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आए थे। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।

मुस्लिम पक्ष की ओर से पांच अलग-अलग याचिकाएं दायर किए जाने की बात सामने आई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मामले में निचली अदालत और हाईकोर्ट के स्तर पर सामने आए निष्कर्षों को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनौती दी जानी चाहिए।

भोजशाला को लेकर दोनों पक्षों के अलग दावे

भोजशाला को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्ष के दावे अलग-अलग हैं। हिंदू पक्ष का कहना है कि यह मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर है और यहां धार्मिक गतिविधियां आयोजित की जानी चाहिए। वहीं मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद से जुड़ा स्थल मानता है और अपने धार्मिक अधिकारों की बात करता रहा है।

इसी विवाद के कारण भोजशाला परिसर में पूजा और नमाज को लेकर भी लंबे समय से स्थिति संवेदनशील रही है। प्रशासन को यहां सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम करने पड़ते हैं।

ASI सर्वे के बाद मामला और अहम हुआ

भोजशाला परिसर का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI की निगरानी में वैज्ञानिक सर्वे भी कराया गया था। सर्वे के निष्कर्षों को लेकर दोनों पक्षों की अलग-अलग व्याख्याएं सामने आईं। इसके बाद मामला अदालत में और महत्वपूर्ण हो गया।

अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर दोनों पक्षों की नजर है। अदालत इस स्तर पर याचिकाओं और संबंधित कानूनी पहलुओं पर विचार करेगी।

फैसले पर टिकी निगाहें

भोजशाला विवाद मध्यप्रदेश के सबसे संवेदनशील धार्मिक-ऐतिहासिक मामलों में शामिल है। सुप्रीम कोर्ट में आज होने वाली सुनवाई के दौरान आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। हालांकि अंतिम फैसला अदालत की सुनवाई और आगे की कार्यवाही पर निर्भर करेगा।

फिलहाल मुस्लिम पक्ष की पांच याचिकाओं पर होने वाली सुनवाई को लेकर धार ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में लोगों की नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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