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सागर BMC में चार बुजुर्ग मरीजों का सफल कॉर्निया ट्रांसप्लांट, मरणोपरांत नेत्रदान से मिली नई रोशनी

सागर BMC में चार बुजुर्ग मरीजों का सफल कॉर्निया ट्रांसप्लांट, मरणोपरांत नेत्रदान से मिली नई रोशनी

सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में चार बुजुर्ग मरीजों का सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण किया गया है। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार इन मरीजों की आंखों की रोशनी गंभीर रूप से प्रभावित थी। पिछले 15 दिनों में तीन लोगों के मरणोपरांत नेत्रदान से मिले कॉर्निया की मदद से नेत्र रोग विभाग की टीम ने चार मरीजों की सर्जरी की।

नेत्रदान से मिली नई उम्मीद

कॉर्निया प्रत्यारोपण के लिए जरूरी कॉर्निया मरणोपरांत नेत्रदान से प्राप्त हुए थे। तीन लोगों के नेत्रदान के बाद उपलब्ध हुए कॉर्निया का उपयोग जरूरतमंद मरीजों के उपचार में किया गया। मेडिकल कॉलेज की टीम ने इन कॉर्निया की मदद से चार बुजुर्ग मरीजों का सफल ऑपरेशन किया।

कॉर्निया आंख के सामने का पारदर्शी हिस्सा होता है। इसके क्षतिग्रस्त या धुंधला होने पर दृष्टि प्रभावित हो सकती है। ऐसे मामलों में उपयुक्त मरीजों में कॉर्निया प्रत्यारोपण से दृष्टि में सुधार की संभावना होती है।

नेत्र रोग विभाग की टीम ने किए ऑपरेशन

BMC के नेत्र रोग विभाग की टीम ने मरीजों की जांच के बाद प्रत्यारोपण की प्रक्रिया पूरी की। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक सभी मरीजों की सर्जरी सफल रही है और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों की टीम मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रत्यारोपण के बाद मरीजों को नियमित जांच और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार देखभाल की जरूरत होगी।

नेत्रदान के प्रति जागरूकता का संदेश

इस पूरी प्रक्रिया में मरणोपरांत नेत्रदान की अहम भूमिका रही। तीन लोगों के नेत्रदान से प्राप्त कॉर्निया का उपयोग चार मरीजों के उपचार में किया गया। इससे नेत्रदान के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाने का संदेश भी मिलता है।

BMC में हुए इन प्रत्यारोपण से गंभीर दृष्टि समस्या से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों को नई उम्मीद मिली है। कॉलेज प्रबंधन ने नेत्रदान को जरूरतमंद मरीजों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है।

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