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कटनी में मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर छात्रों का जन सत्याग्रह 21वें दिन भी जारी, आंदोलन स्थल पहुंचे उमंग सिंघार

कटनी में मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर छात्रों का जन सत्याग्रह 21वें दिन भी जारी, आंदोलन स्थल पहुंचे उमंग सिंघार

मध्य प्रदेश के कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग और इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर खोले जाने के विरोध में छात्रों का जन सत्याग्रह रविवार को 21वें दिन भी जारी रहा। कलेक्ट्रेट के सामने चल रहे इस आंदोलन में छात्र लगातार सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग उठा रहे हैं। रविवार देर शाम मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उनके पहुंचने से मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा मिली।

छात्रों का कहना है कि कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना होनी चाहिए। आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मॉडल के बजाय सरकारी व्यवस्था के तहत संचालित किए जाने की मांग शामिल है। छात्र इसी मांग को लेकर लगातार धरना दे रहे हैं।

21 दिनों से जारी है छात्रों का सत्याग्रह

कटनी कलेक्ट्रेट के सामने छात्र पिछले 21 दिनों से जन सत्याग्रह कर रहे हैं। उनका आंदोलन जिले में शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना और उसके संचालन के मॉडल को लेकर है। रविवार को भी छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखा।

मेडिकल कॉलेज की स्थापना को स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सा शिक्षा से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे संस्थान से स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़ सकते हैं और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में मदद मिल सकती है। हालांकि, कॉलेज की स्थापना, वित्तीय व्यवस्था और संचालन से संबंधित अंतिम निर्णय सरकार की नीतियों और संबंधित प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।

पीपीपी मॉडल का विरोध क्यों?

आंदोलन कर रहे छात्र मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मॉडल पर खोले जाने का विरोध कर रहे हैं। पीपीपी यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप ऐसी व्यवस्था है, जिसमें किसी परियोजना के विकास या संचालन में सरकारी और निजी क्षेत्र की भागीदारी होती है।

छात्रों की मांग है कि कटनी में मेडिकल कॉलेज शासकीय रूप से स्थापित किया जाए। उनका आंदोलन इसी मांग को लेकर जारी है। पीपीपी मॉडल के तहत कॉलेज खोलने की योजना को लेकर छात्रों की आपत्ति और सरकारी मेडिकल कॉलेज की उनकी मांग इस आंदोलन के मुख्य मुद्दे बने हुए हैं।

देर शाम आंदोलन स्थल पहुंचे उमंग सिंघार

रविवार देर शाम मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार छात्रों के आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उनका वहां पहुंचना आंदोलन के दौरान एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम रहा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनके संबोधन, छात्रों के साथ हुई बातचीत और आंदोलन को लेकर दिए गए आश्वासनों का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।

आंदोलन स्थल पर उनकी मौजूदगी के बाद अब इस मुद्दे पर आगे की राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों पर नजर रहेगी। छात्रों की प्रमुख मांग शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना और पीपीपी मॉडल का विरोध है।

मांगों पर फैसले का इंतजार

कटनी में 21 दिनों से जारी जन सत्याग्रह के बीच छात्रों की मांगों पर प्रशासन और सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, यह महत्वपूर्ण रहेगा। मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जुड़े निर्णय में संस्थान की वित्तीय व्यवस्था, संचालन और चिकित्सा शिक्षा की सुविधाओं जैसे पहलू अहम होंगे।

फिलहाल छात्र कलेक्ट्रेट के सामने अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैं। रविवार को उमंग सिंघार के आंदोलन स्थल पहुंचने के बाद भी छात्रों की मुख्य मांग शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना बनी हुई है। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर संबंधित पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है या आंदोलन जारी रहता है।

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