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MP में 9 साल बाद होंगे छात्र संघ चुनाव: सितंबर में चुनाव कराने का सरकार ने दिया भरोसा, CM मोहन यादव भी छात्र राजनीति से रहे हैं जुड़े

MP में 9 साल बाद होंगे छात्र संघ चुनाव: सितंबर में चुनाव कराने का सरकार ने दिया भरोसा, CM मोहन यादव भी छात्र राजनीति से रहे हैं जुड़े

मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर छात्र संघ चुनाव होने की उम्मीद बढ़ गई है। प्रदेश सरकार ने सितंबर 2026 में छात्र संघ चुनाव कराने का आश्वासन दिया है। यदि चुनाव तय समय पर होते हैं तो यह करीब 9 साल बाद प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति की वापसी होगी।

छात्र संगठनों की लंबे समय से मांग रही है कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू किए जाएं। इसी मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन और ज्ञापन दिए जा रहे थे। अब सरकार की ओर से चुनाव कराने का भरोसा मिलने के बाद छात्र संगठनों में उत्साह देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में आखिरी बार छात्र संघ चुनाव वर्ष 2017 में हुए थे। इसके बाद विभिन्न कारणों से चुनाव प्रक्रिया बंद रही। अब सरकार ने सितंबर में चुनाव कराने की बात कही है, जिससे प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को छात्र प्रतिनिधित्व का मौका मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव भी अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र राजनीति से कर चुके हैं। वे छात्र जीवन में सक्रिय रहे और इसी अनुभव के आधार पर आगे चलकर प्रदेश की राजनीति में प्रमुख भूमिका तक पहुंचे। ऐसे में छात्र संघ चुनाव को लेकर सरकार के फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

छात्र संघ चुनावों के जरिए विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं और मांगों को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का मंच मिलता है। कॉलेजों में फीस, सुविधाएं, छात्रावास, परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्र प्रतिनिधि अपनी भूमिका निभाते हैं।

हालांकि चुनाव की तारीख, प्रक्रिया और नियमों को लेकर अभी विस्तृत घोषणा होना बाकी है। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में चुनाव की तैयारियां भी जल्द शुरू होने की संभावना है। छात्र संगठनों ने सरकार के आश्वासन का स्वागत करते हुए जल्द अधिसूचना जारी करने की मांग की है।

प्रदेश में छात्र राजनीति की वापसी को लेकर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इससे युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी और नए नेतृत्व को आगे आने का अवसर मिलेगा। अब सभी की नजरें सितंबर में होने वाली चुनाव प्रक्रिया और सरकार की आगामी घोषणा पर टिकी हैं।

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