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MP में फिर एक्टिव हुआ स्ट्रॉन्ग सिस्टम, बाणसागर डैम के 6 गेट खुले; सिंगरौली, चित्रकूट और मंडला में बाढ़ से आफत

MP में फिर एक्टिव हुआ स्ट्रॉन्ग सिस्टम, बाणसागर डैम के 6 गेट खुले; सिंगरौली, चित्रकूट और मंडला में बाढ़ से आफत

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय होने के कारण कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। शहडोल के बाणसागर डैम में पानी की लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए रविवार को छह गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई। इसके बाद सोन नदी के आसपास बसे इलाकों में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

बाणसागर डैम के कैचमेंट क्षेत्र में पिछले कुछ समय से लगातार बारिश हो रही थी। इसके चलते बांध का जलस्तर तेजी से बढ़कर अपनी अधिकतम क्षमता के करीब पहुंच गया। 30 अगस्त की सुबह बांध में जलस्तर 341.58 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसकी पूर्ण जलभराव क्षमता 341.64 मीटर है। यानी पानी का स्तर अधिकतम सीमा से महज 0.06 मीटर नीचे रह गया था। स्थिति को देखते हुए बांध प्रबंधन ने छह रेडियल गेट खोलकर नियंत्रित मात्रा में पानी सोन नदी में छोड़ना शुरू किया।

बांध से पानी छोड़े जाने के बाद सोन नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने ग्रामीणों से नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है। इसके साथ ही तेज बहाव के दौरान पुल, पुलिया और रपट पार नहीं करने की चेतावनी दी गई है। मैदानी कर्मचारियों को भी लगातार स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सिंगरौली में तेज बारिश से बढ़ी परेशानी

सिंगरौली में भी लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले के कई हिस्सों में तेज बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन गई है। कुछ स्थानों पर पानी के तेज बहाव के कारण लोगों के फंसने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन और राहत-बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।

चित्रकूट में उफान पर मंदाकिनी

सतना जिले के चित्रकूट में भारी बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। नदी के उफान पर आने से निचले इलाकों में पानी भर गया और जनजीवन प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की जरूरत पड़ी। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान चलाया गया।

चित्रकूट में बाढ़ के कारण कई जगह नुकसान भी हुआ है। तेज बहाव की वजह से रामघाट क्षेत्र में पुल को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। वहीं कई दुकानें और घर पानी में डूब गए। पानी कम होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ से हुई तबाही के निशान दिखाई देने लगे हैं।

मंडला में भी नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा

पूर्वी मध्य प्रदेश के मंडला में भी लगातार बारिश का असर देखने को मिला है। भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम तंत्र के कारण सोमवार को भी कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। रीवा, शहडोल, सीधी और उमरिया समेत करीब 11 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा मंडला, डिंडौरी और बालाघाट सहित अन्य जिलों में भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

लगातार बारिश और बांधों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और मौसम या प्रशासन की ओर से जारी किसी भी चेतावनी को नजरअंदाज न करें।

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