जय स्तंभ चौक पर आवारा मवेशियों का डेरा, कलेक्ट्रेट के सामने मंडरा रहा हादसे का खतरा
शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल जय स्तंभ चौक पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। कलेक्ट्रेट के ठीक सामने मुख्य सड़क पर दिनभर बड़ी संख्या में मवेशी बैठे और घूमते नजर आते हैं। इसी मार्ग से बस, ऑटो, दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लगातार आवाजाही होती है। ऐसे में सड़क पर मवेशियों की मौजूदगी से यातायात प्रभावित होने के साथ ही हादसे का खतरा भी बना रहता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक जय स्तंभ चौक शहर का महत्वपूर्ण यातायात केंद्र है। कलेक्ट्रेट सहित कई सरकारी कार्यालय और अन्य संस्थान आसपास होने के कारण यहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। सुबह से शाम तक सड़क पर वाहनों का दबाव बना रहता है, लेकिन इसके बावजूद आवारा मवेशियों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
सड़क के बीच या किनारे बैठे मवेशियों के कारण वाहन चालकों को बार-बार अपना रास्ता बदलना पड़ता है। कई बार अचानक सामने आए मवेशियों को बचाने के लिए चालक ब्रेक लगाते हैं या वाहन को दूसरी दिशा में मोड़ देते हैं। इससे पीछे चल रहे वाहनों के टकराने की आशंका बनी रहती है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति ज्यादा जोखिम भरी है। अचानक मवेशी सामने आने पर वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है और दुर्घटना हो सकती है।
व्यस्त समय में समस्या और गंभीर हो जाती है। जब सड़क पर वाहनों की संख्या अधिक होती है, उस समय मवेशियों के इधर-उधर घूमने से यातायात की गति धीमी पड़ जाती है। कई बार वाहन चालकों को मवेशियों के बीच से बेहद कम जगह में निकलना पड़ता है। इससे वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों को भी परेशानी होती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आवारा मवेशियों की समस्या केवल जय स्तंभ चौक तक सीमित नहीं है। शहर के कई अन्य प्रमुख मार्गों और बाजार क्षेत्रों में भी मवेशी सड़कों पर घूमते नजर आते हैं। हालांकि कलेक्ट्रेट के सामने मुख्य मार्ग पर इनकी मौजूदगी विशेष चिंता का विषय है। लोगों का कहना है कि जब प्रशासनिक कार्यालय के सामने ही सड़क पर मवेशियों का जमावड़ा बना हुआ है तो शहर के अन्य हिस्सों में व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नागरिकों ने नगर पालिका और प्रशासन से आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि मवेशियों को सुरक्षित स्थान या निर्धारित गौशाला में पहुंचाया जाए, ताकि मुख्य सड़कों पर यातायात सुचारु रह सके और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो।
लोगों का यह भी कहना है कि केवल कुछ दिनों तक अभियान चलाकर मवेशियों को पकड़ना पर्याप्त नहीं होगा। स्थायी समाधान के लिए नियमित निगरानी, पशु मालिकों की जिम्मेदारी तय करने और मवेशियों को दोबारा सड़कों पर छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत है।
जय स्तंभ चौक जैसे व्यस्त मार्ग पर आवारा मवेशियों का लगातार जमावड़ा किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर सड़क को आवारा मवेशियों से मुक्त कराने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने की मांग की है।

