पांढुर्णा में गोटमार मेला शुरू होते ही पत्थरबाजी, फुटेज में देंखे 118 लोग घायल
मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में शुक्रवार को पारंपरिक गोटमार मेला शुरू होते ही जाम नदी का इलाका पत्थरों की बौछार से गूंज उठा। मेला शुरू होने के साथ ही पांढुर्णा और सारगांव पक्ष के लोग नदी के दोनों छोर पर आमने-सामने आ गए। झंडे पर कब्जे की परंपरा को लेकर दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस दौरान पत्थर लगने से बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं।जानकारी के मुताबिक, दोपहर 12 बजे तक 118 लोग घायल हो चुके थे। लगातार हो रही पत्थरबाजी को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पहले से ही अलर्ट मोड पर है। घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए मेला क्षेत्र में सात अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं।
झंडे पर कब्जे के लिए आमने-सामने दोनों पक्ष
गोटमार मेले की परंपरा में जाम नदी के बीच लगाए जाने वाले झंडे को लेकर पांढुर्णा और सावरगांव के लोग आमने-सामने होते हैं। दोनों पक्ष झंडे पर कब्जा करने की कोशिश करते हैं और इसी दौरान एक-दूसरे पर पत्थर बरसाने की परंपरा रही है।शुक्रवार को भी मेला शुरू होते ही यही नजारा देख को मिला। देखते ही देखते नदी के आसपास का पूरा इलाका पत्थरबाजी की वजह से तनावपूर्ण हो गया। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने पहले से ही व्यापक इंतजाम किए हैं।
7 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए
पत्थरबाजी में घायल होने वाले लोगों को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सके, इसके लिए मेला क्षेत्र में 7 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन केंद्रों पर डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की तैनाती की है।विभाग की ओर से कुल 44 डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए 22 एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार देने के बाद जरूरत के मुताबिक अस्पताल भेजा जा रहा है।
हर साल सामने आती है चोटिल होने की चुनौती
गोटमार मेले के दौरान पत्थरबाजी के कारण लोगों के घाल होने की घटनाएं लंबे समय से सामने आती रही हैं। मेले में शामिल लोगों की बड़ी संख्या और पारंपरिक आयोजन के दौरान होने वाली पत्थरबाजी प्रशासन के लिए चुनौती बनी रहती है।इस बार भी प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विशेष तैयारी की है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में घायलों को समय पर इलाज मिल सके। एंबुलेंस को रणनीतिक स्थानों पर तैनात रखा गया है और स्वास्थ्य केंद्रों पर मेडिकल टीमों को तैयार रखा गया है।
वायरल हो सकता है मेले का वीडियो
मेले के दौरान पत्थरबाजी के दृश्य अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं। शुक्रवार को भी जाम नदी में दोनों पक्षों के आमने-सामने होने और पत्थरों की बौछार के वीडियो सामने आने की संभावना है। फिलहाल प्रशासन का फोकस घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने और मेले के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है।दोपहर तक 118 लोगों के घायल होने के बाद प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है। आने वाले घंटों में पत्थरबाजी की तीव्रता और घायलों की संख्या पर निगरानी रखी जा रही है।

