फर्जी दस्तावेजों से 70 पासपोर्ट बनवाने वाले रैकेट पर STF का शिकंजा, जांच में सामने आ रहे चौंकाने वाले तथ्य
स्पेशल टास्क फोर्स (STF) मध्य प्रदेश ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 70 फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले बड़े रैकेट के खिलाफ कार्रवाई में एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस मामले में STF की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और रैकेट से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया को अंजाम दिया। अब STF यह पता लगाने में जुटी है कि इन दस्तावेजों को तैयार करने से लेकर पासपोर्ट बनवाने तक की पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे।
70 फर्जी पासपोर्ट का मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसियों की चिंता भी बढ़ गई है। फर्जी पहचान और दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल करना गंभीर मामला माना जाता है। STF इस बात की भी जांच कर रही है कि तैयार किए गए पासपोर्ट का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया जाना था।
जांच में दस्तावेज तैयार करने वाले लोगों, आवेदकों और पासपोर्ट प्रक्रिया से जुड़े संभावित संपर्कों की भूमिका खंगाली जा रही है। एजेंसी डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
STF की कार्रवाई के बाद इस मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या यह नेटवर्क केवल फर्जी पासपोर्ट तैयार कराने तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। 70 फर्जी पासपोर्ट से जुड़े इस पूरे प्रकरण को STF गंभीरता से जांच रही है और रैकेट से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।

