चीते की मौत की जांच करेगी STF और केंद्रीय कमेटी, सुरक्षा व निगरानी व्यवस्था की भी होगी समीक्षा
चीतों के संरक्षण से जुड़े मामले में अब विशेष जांच दल (STF) के साथ केंद्रीय कमेटी भी मौत के कारणों की जांच करेगी। इस कमेटी में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। जांच के दौरान चीते की मौत से जुड़े तथ्यों, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की पड़ताल की जाएगी। इसके साथ ही संरक्षण के लिए बनाए गए प्रोटोकॉल की समीक्षा भी की जाएगी, ताकि किसी तरह की लापरवाही या व्यवस्था में कमी सामने आने पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
कूनो नेशनल पार्क से बाहर घायल मिला था चीता
यह मामला मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से जुड़े 19 महीने के नर चीते KNG22 की मौत का है। केंद्र सरकार के अनुसार, चीते को 25 अक्टूबर को मोरेना के क्षेत्रीय जंगलों में घायल अवस्था में पाया गया था। इसके बाद उसे बचाकर इलाज के लिए जबलपुर स्थित पशु चिकित्सा केंद्र ले जाया गया। वहां उसकी आपातकालीन सर्जरी की गई, जिसके दौरान शरीर से गोली के पांच छर्रे निकाले गए। इलाज के बावजूद 27 अक्टूबर को चीते की मौत हो गई। चिकित्सा जांच में छर्रों से जुड़ी कई आंतरिक चोटों की पुष्टि हुई।
केंद्रीय टीम में NTCA और WCCB के अधिकारी
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय टीम भेजी है। इसमें राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के वन महानिरीक्षक, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) के अतिरिक्त निदेशक और क्षेत्रीय उपनिदेशक शामिल हैं।
यह टीम घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। साथ ही मध्य प्रदेश वन विभाग के साथ समन्वय कर मामले में आवश्यक कार्रवाई की दिशा में काम करेगी। राज्य सरकार पहले ही वन विभाग और पुलिस अधिकारियों को शामिल करते हुए विशेष जांच दल (STF) गठित कर चुकी है। दोनों टीमें आपसी समन्वय से मामले की जांच करेंगी।
सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की भी होगी समीक्षा
जांच का उद्देश्य केवल चीते की मौत की परिस्थितियों का पता लगाना नहीं है, बल्कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए लागू व्यवस्थाओं की समीक्षा करना भी है। केंद्रीय टीम यह जांचेगी कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किस तरह किया जा रहा था और निगरानी तथा संरक्षण के उपाय कितने प्रभावी थे।
जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए किन कदमों की जरूरत है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले घटना के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
केंद्र को सौंपी जाएगी जांच रिपोर्ट
केंद्रीय टीम जांच के निष्कर्ष और सुझाव पर्यावरण मंत्रालय को सौंपेगी। इसके बाद मंत्रालय रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार और संबंधित मैदानी अधिकारियों को आगे की कार्रवाई के निर्देश दे सकता है।
कूनो में चीता संरक्षण परियोजना के तहत अफ्रीका से लाए गए चीतों को बसाने और उनकी आबादी बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में एक युवा चीते की गोली के छर्रों से घायल होने के बाद मौत ने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब जांच से यह पता चल सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और संरक्षण व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए

