Samachar Nama
×

सांदीपनि आश्रम में जन्माष्टमी की खास तैयारी, कृष्ण-बलराम और सुदामा पहनेंगे नीले मखमली वस्त्र; देशभर से मंगवाए मोती और रेशमी धागे

सांदीपनि आश्रम में जन्माष्टमी की खास तैयारी, कृष्ण-बलराम और सुदामा पहनेंगे नीले मखमली वस्त्र; देशभर से मंगवाए मोती और रेशमी धागे

भगवान श्रीकृष्ण की नगरी उज्जैन में जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और उनके मित्र सुदामा से जुड़े पौराणिक महत्व वाले सांदीपनि आश्रम में इस बार जन्माष्टमी का पर्व विशेष भव्यता के साथ मनाने की तैयारी की जा रही है। जन्माष्टमी के अवसर पर आश्रम में भगवान कृष्ण, बलराम और सुदामा को विशेष पोशाक पहनाई जाएगी।

बताया जा रहा है कि जन्माष्टमी के लिए तीनों के वस्त्र विशेष रूप से तैयार करवाए जा रहे हैं। इस बार भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा को नीले रंग के मखमली वस्त्र पहनाए जाएंगे। पोशाक को आकर्षक बनाने के लिए इसमें मोतियों और रेशमी धागों से विशेष कढ़ाई और सजावट की जा रही है।

पोशाक की सजावट के लिए देश के अलग-अलग शहरों से सामग्री मंगवाई गई है। मोती और अन्य सजावटी सामान सूरत से मंगवाए गए हैं, जबकि रेशमी धागे जयपुर और कोलकाता से बुलाए गए हैं। कारीगर इन सामग्रियों की मदद से भगवान के वस्त्रों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

सांदीपनि आश्रम का भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से विशेष संबंध माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा ने उज्जैन स्थित महर्षि सांदीपनि के आश्रम में शिक्षा प्राप्त की थी। यही वजह है कि जन्माष्टमी के दौरान यहां देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

जन्माष्टमी के दिन आश्रम में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर मध्यरात्रि में विशेष आरती और पूजन की तैयारियां भी की जा रही हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक तरीके से सजाया जाएगा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

आश्रम प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। पर्व के दौरान बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन भी व्यवस्थाओं पर नजर रखेगा।

उज्जैन में महाकाल मंदिर के साथ सांदीपनि आश्रम का भी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। जन्माष्टमी के मौके पर यहां भगवान कृष्ण से जुड़ी स्मृतियों को याद करते हुए विशेष उत्सव मनाया जाता है। इस बार नीले मखमली वस्त्रों में सजे कृष्ण, बलराम और सुदामा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेंगे।

Share this story

Tags