ग्वालियर की पंचायतों में आज से विशेष शिविर, अधिकारी सुनेंगे किसानों की समस्याएं; फार्मर ID से जमीन रिकॉर्ड तक होगा दुरुस्त
ग्वालियर जिले की ग्राम पंचायतों में किसानों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आज से विशेष शिविरों का आयोजन शुरू किया जा रहा है। इन शिविरों में प्रशासनिक और संबंधित विभागों के अधिकारी पंचायत स्तर पर पहुंचकर किसानों की समस्याएं सुनेंगे और मौके पर ही उनका निराकरण करने का प्रयास करेंगे। शिविरों में फार्मर आईडी बनाने से लेकर जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में सुधार तक के काम किए जाएंगे।
प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य किसानों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए तहसील और जिला कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। पंचायत स्तर पर ही अधिकारियों की मौजूदगी में आवेदन लिए जाएंगे और पात्र मामलों में जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पंचायत स्तर पर पहुंचेंगे अधिकारी
विशेष शिविरों में राजस्व, कृषि और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। किसान अपनी जमीन, रिकॉर्ड, फार्मर आईडी और सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रख सकेंगे।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि किसानों की समस्याओं को केवल दर्ज न किया जाए, बल्कि उनका समाधान भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द कराया जाए। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिविरों में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
फार्मर ID बनाने की सुविधा
शिविरों में किसानों की फार्मर आईडी से जुड़ी प्रक्रिया को भी पूरा किया जाएगा। फार्मर आईडी किसानों की पहचान और कृषि से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, वे शिविर में पहुंचकर इसके लिए आवेदन और जरूरी दस्तावेज जमा कर सकेंगे। अधिकारियों की ओर से दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
जमीन रिकॉर्ड में भी होगा सुधार
किसानों के लिए जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में त्रुटियों को दूर करने की सुविधा भी शिविरों में उपलब्ध रहेगी। नाम, रकबा, खसरा या अन्य राजस्व रिकॉर्ड से संबंधित समस्या होने पर किसान अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
किसानों का कहना है कि जमीन के रिकॉर्ड में छोटी गलती के कारण कई बार सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, बैंक से संबंधित काम कराने या कृषि संबंधी प्रक्रियाओं में परेशानी होती है। पंचायत स्तर पर समस्या दर्ज होने से उन्हें जिला मुख्यालय तक जाने की जरूरत कम होगी।
मौके पर सुनेंगे किसानों की समस्याएं
विशेष शिविरों में अधिकारी किसानों से सीधे संवाद करेंगे। किसान अपनी समस्याओं और शिकायतों के साथ संबंधित दस्तावेज लेकर पहुंच सकेंगे। प्रशासन का प्रयास है कि जिन मामलों का समाधान मौके पर संभव है, उन्हें वहीं निपटाया जाए और जिन मामलों में उच्च स्तर की कार्रवाई जरूरी है, उन्हें संबंधित विभाग को भेजा जाए।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे शिविरों का लाभ उठाएं और जमीन, फार्मर आईडी या अन्य कृषि संबंधी समस्या होने पर आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर पहुंचें।
गांवों में आयोजित होने वाले इन विशेष शिविरों से किसानों को उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित राजस्व और रिकॉर्ड संबंधी समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा। पंचायत स्तर पर अधिकारियों की मौजूदगी से किसानों का समय और खर्च दोनों बचेंगे। साथ ही प्रशासन को भी ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं की जानकारी सीधे लोगों से मिल सकेगी।

