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सिंगरौली जेल में राखी बांधने पहुंचीं बहनें, नहीं मिली भाइयों से मुलाकात; आंखों में आंसू लिए लौटीं

सिंगरौली जेल में राखी बांधने पहुंचीं बहनें, नहीं मिली भाइयों से मुलाकात; आंखों में आंसू लिए लौटीं

मध्य प्रदेश के सिंगरौली में रक्षाबंधन के दिन एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया। जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए कई बहनें जिला जेल पहुंचीं, लेकिन उन्हें भाइयों से मुलाकात का मौका नहीं मिल सका। काफी इंतजार के बाद बहनों को मायूस होकर लौटना पड़ा। कई बहनें जेल के बाहर ही रो पड़ीं और भाई को राखी नहीं बांध पाने का दर्द उनके चेहरे पर साफ नजर आया।

रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र व खुशहाल जीवन की कामना करती हैं। ऐसे में जेल में बंद भाइयों से मिलने के लिए बहनें दूर-दराज के इलाकों से भी पहुंचीं। उनके हाथों में राखी और मिठाई थी और उम्मीद थी कि कुछ देर की मुलाकात में वे अपने भाइयों के साथ त्योहार मना सकेंगी।

लेकिन जेल पहुंचने के बाद उन्हें मुलाकात नहीं मिल सकी। बहनों का कहना था कि वे राखी बांधने के लिए सुबह से इंतजार कर रही थीं। उन्हें उम्मीद थी कि जेल प्रशासन मुलाकात की व्यवस्था करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद कई बहनें भावुक हो गईं।

जेल के बाहर बहनों के रोने का दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। कुछ बहनों ने कहा कि रक्षाबंधन साल में एक बार आता है और इस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भाई से मुलाकात न होने के कारण वे काफी निराश होकर वापस लौटने को मजबूर हुईं।

परिजनों के मुताबिक, कुछ बहनें अपने भाइयों के लिए राखी और मिठाई लेकर आई थीं। उन्होंने काफी समय तक जेल प्रशासन से मुलाकात की गुहार लगाई, लेकिन जब उन्हें अनुमति नहीं मिली तो वे दुखी मन से वापस लौट गईं।

इस घटना ने जेल में बंद कैदियों और उनके परिवारों के बीच त्योहार के दौरान मुलाकात की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का कहना है कि त्योहार के मौके पर जेल प्रशासन को पहले से स्पष्ट व्यवस्था और जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि दूर से आने वाले लोगों को परेशानी न हो।

रक्षाबंधन के दिन सिंगरौली जेल के बाहर बहनों की आंखों से छलके आंसू इस बात की गवाही दे रहे थे कि जेल की दीवारों के बावजूद भाई-बहन का रिश्ता भावनाओं से जुड़ा रहता है। भाइयों की कलाई सूनी रह गई और बहनों को राखी वापस लेकर घर लौटना पड़ा।

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