भोपाल में किसानों का उग्र प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी, वीडियो में जाने शिवराज सिंह चौहान के घर का घेराव; सीएम हाउस मार्च से पहले हाई अलर्ट
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों का आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी है। मूंग की सरकारी खरीद, ई-टोकन सिस्टम समाप्त करने और अन्य मांगों को लेकर बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर उतरे हैं। आंदोलन के बीच समाधान निकालने के लिए मंत्रालय में सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच अहम बैठक चल रही है। दूसरी ओर प्रदर्शनकारी किसानों ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास का घेराव कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जानकारी के अनुसार, किसानों के 15 प्रतिनिधियों की राज्य सरकार के तीन मंत्रियों के साथ मंत्रालय में बैठक हो रही है। सरकार इस बातचीत के जरिए आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास कर रही है। हालांकि बैठक के समानांतर सड़क पर किसानों का प्रदर्शन जारी है।
शिवराज के घर के बाहर हंगामा, पुलिस से धक्का-मुक्की
बैठक से पहले प्रदर्शनकारी किसान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास पहुंच गए और वहां घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, जिससे धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस दौरान कुछ किसानों के कपड़े भी फट गए।शिवराज सिंह चौहान के आवास के बाहर किसानों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और अपनी मांगें पूरी करने की मांग दोहराई। इसके बाद प्रदर्शनकारी सीएम हाउस की ओर कूच करने लगे।
सीएम हाउस के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
किसानों के मार्च को देखते हुए प्रशासन ने मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है। रोशनपुरा चौराहे से सीएम हाउस जाने वाले मार्ग पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। जवान सुरक्षा जैकेट, हेलमेट और लाठी-डंडों के साथ मुस्तैद हैं।सीएम हाउस तक जाने वाले करीब एक किलोमीटर लंबे रास्ते पर बसें और डंपर खड़े कर बैरिकेडिंग की गई है ताकि प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका जा सके। प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
किसानों की चेतावनी- मांगें नहीं मानीं तो सीएम हाउस में घुसेंगे
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो वे सीएम हाउस का गेट तोड़कर अंदर प्रवेश करेंगे। किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।आंदोलन में शामिल कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। उनका कहना था, "सरकार ने किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं किए। हम भीख नहीं, अपना अधिकार मांग रहे हैं।"
ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें
किसानों का कहना है कि सरकार तत्काल उनकी प्रमुख मांगों पर निर्णय ले। इनमें प्रमुख रूप से:
- मूंग की सरकारी खरीद जल्द शुरू की जाए।
- ई-टोकन सिस्टम समाप्त किया जाए।
- किसानों को फसल बेचने की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनाई जाए।
बैठक पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच मंत्रालय में बातचीत जारी है। अब सबकी निगाहें इस बैठक के नतीजे पर टिकी हैं। यदि बातचीत सफल रहती है तो आंदोलन समाप्त हो सकता है, लेकिन सहमति नहीं बनने की स्थिति में राजधानी भोपाल में आंदोलन और तेज होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने भी हालात को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाए रखी है।

