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भाजपा के वरिष्ठ नेता पारस जैन का निधन, 77 वर्ष की उम्र में इंदौर अस्पताल में ली अंतिम सांस

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रहे पारस जैन का सोमवार सुबह निधन हो गया। वे 77 वर्ष के थे। उन्होंने इंदौर के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। पारस जैन पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे।  जानकारी के अनुसार, पारस जैन ने निधन से तीन दिन पहले जैन परंपरा के अनुसार संथारा ग्रहण किया था। इसके बाद उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी और उन्हें इलाज के लिए इंदौर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार सुबह उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।  पारस जैन उज्जैन की राजनीति में एक बड़े और प्रभावशाली चेहरे के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने उज्जैन उत्तर विधानसभा सीट से लगातार छह बार विधायक रहकर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। भाजपा संगठन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही और वे लंबे समय तक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे।  मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री रहते हुए उन्होंने कई विभागों की जिम्मेदारी संभाली। अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर सक्रिय भूमिका निभाई। क्षेत्र के विकास कार्यों और जनसमस्याओं को लेकर वे लगातार सक्रिय रहते थे।  पारस जैन के निधन की खबर मिलते ही भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। उज्जैन सहित प्रदेशभर के नेताओं ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने कहा कि पारस जैन का जाना भाजपा और सार्वजनिक जीवन के लिए बड़ी क्षति है।  सामाजिक क्षेत्र में भी पारस जैन की अलग पहचान थी। जैन समाज में उनका विशेष सम्मान था। धार्मिक परंपराओं और सामाजिक कार्यों से उनका लंबे समय से जुड़ाव रहा।  बताया जा रहा है कि उनके अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रम को लेकर परिवार और पार्टी नेताओं की ओर से जल्द जानकारी दी जाएगी। उनके निधन से उज्जैन शहर में शोक का माहौल है।  पारस जैन का राजनीतिक सफर कई दशकों तक चला। छह बार विधायक और पूर्व मंत्री के रूप में उन्होंने जनता के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। उनके निधन से मध्य प्रदेश की राजनीति ने एक अनुभवी और वरिष्ठ नेता खो दिया है।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रहे पारस जैन का सोमवार सुबह निधन हो गया। वे 77 वर्ष के थे। उन्होंने इंदौर के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। पारस जैन पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे।

जानकारी के अनुसार, पारस जैन ने निधन से तीन दिन पहले जैन परंपरा के अनुसार संथारा ग्रहण किया था। इसके बाद उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी और उन्हें इलाज के लिए इंदौर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार सुबह उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।

पारस जैन उज्जैन की राजनीति में एक बड़े और प्रभावशाली चेहरे के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने उज्जैन उत्तर विधानसभा सीट से लगातार छह बार विधायक रहकर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। भाजपा संगठन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही और वे लंबे समय तक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे।

मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री रहते हुए उन्होंने कई विभागों की जिम्मेदारी संभाली। अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर सक्रिय भूमिका निभाई। क्षेत्र के विकास कार्यों और जनसमस्याओं को लेकर वे लगातार सक्रिय रहते थे।

पारस जैन के निधन की खबर मिलते ही भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। उज्जैन सहित प्रदेशभर के नेताओं ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने कहा कि पारस जैन का जाना भाजपा और सार्वजनिक जीवन के लिए बड़ी क्षति है।

सामाजिक क्षेत्र में भी पारस जैन की अलग पहचान थी। जैन समाज में उनका विशेष सम्मान था। धार्मिक परंपराओं और सामाजिक कार्यों से उनका लंबे समय से जुड़ाव रहा।

बताया जा रहा है कि उनके अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रम को लेकर परिवार और पार्टी नेताओं की ओर से जल्द जानकारी दी जाएगी। उनके निधन से उज्जैन शहर में शोक का माहौल है।

पारस जैन का राजनीतिक सफर कई दशकों तक चला। छह बार विधायक और पूर्व मंत्री के रूप में उन्होंने जनता के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। उनके निधन से मध्य प्रदेश की राजनीति ने एक अनुभवी और वरिष्ठ नेता खो दिया है।

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