भोपाल में दूसरी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी, जनवरी में आयोजन प्रस्तावित; पिछली बार मिले थे 30.77 लाख करोड़ के प्रस्ताव
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) आयोजित करने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार की योजना के अनुसार यह दूसरी GIS अगले साल जनवरी में कराई जा सकती है। इसके लिए प्रारंभिक स्तर पर प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं और विभागों से समन्वय भी शुरू हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, पिछली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य को निवेश के बड़े प्रस्ताव मिले थे, जिनकी कुल राशि लगभग ₹30.77 लाख करोड़ बताई गई थी। इन प्रस्तावों के बाद सरकार अब उन निवेशों को धरातल पर उतारने और नई निवेश संभावनाओं को बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
नई समिट का उद्देश्य देश-विदेश के निवेशकों को मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापना के लिए आकर्षित करना और राज्य को औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए उद्योग, ऊर्जा, पर्यटन, आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस किए जाने की संभावना है।
प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को लेकर बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक, आयोजन को भव्य और प्रभावी बनाने के लिए निवेशकों, उद्योग समूहों और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से संपर्क किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि पिछली GIS में मिले निवेश प्रस्तावों को यदि प्रभावी तरीके से लागू किया जाए तो राज्य में रोजगार के बड़े अवसर पैदा हो सकते हैं। इसी क्रम में आगामी समिट को और अधिक परिणाममुखी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जनवरी में होने वाली संभावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य को कितना नया निवेश मिलता है और पिछली घोषणाओं में से कितनी योजनाएं धरातल पर उतरती हैं।

