दिवाली से पहले सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से बिगड़ी शहर की सफाई व्यवस्था, दो दिन में जमा हुआ 2100 टन कचरा
दिवाली से पहले सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने शहर की सफाई व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। घर-घर कचरा कलेक्शन पूरी तरह ठप होने से सभी 85 वार्डों में कचरे के ढेर लगने लगे हैं। मंगलवार और बुधवार को किसी भी वार्ड में कचरा गाड़ियां नहीं पहुंचीं। इसके चलते केवल दो दिनों में करीब 2100 टन कचरा जमा हो गया है।
त्योहार से पहले घरों और बाजारों में सफाई का काम तेज हो जाता है। ऐसे समय में कचरा संग्रहण बंद होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई इलाकों में घरों से निकलने वाला कचरा जमा हो रहा है। वहीं, सड़कों और कचरा संग्रहण स्थलों पर भी सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
सभी 85 वार्डों में कचरा गाड़ियां नहीं पहुंचीं
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण मंगलवार और बुधवार को शहर के सभी 85 वार्डों में घर-घर कचरा संग्रहण नहीं हुआ। सामान्य दिनों में कचरा गाड़ियां घरों तक पहुंचकर कचरा एकत्र करती हैं, लेकिन हड़ताल के चलते यह व्यवस्था बंद रही।
दो दिन तक कचरा नहीं उठने से करीब 2100 टन कचरा जमा हो गया। दिवाली जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले इतनी बड़ी मात्रा में कचरा जमा होने से नगर की सफाई व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
मंत्रालय में अफसरों और कर्मचारी नेताओं के बीच वार्ता बेनतीजा
हड़ताल खत्म कराने के लिए बुधवार शाम मंत्रालय में अधिकारियों और कर्मचारी नेताओं के बीच बातचीत हुई। हालांकि, यह वार्ता बेनतीजा रही। दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण हड़ताल समाप्त होने का रास्ता फिलहाल साफ नहीं हो सका।
कर्मचारी नेताओं और अधिकारियों के बीच हुई इस बैठक से सफाई व्यवस्था दोबारा शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन बातचीत में कोई समाधान नहीं निकल पाया।
दिवाली से पहले बढ़ सकती है लोगों की परेशानी
त्योहार के दौरान घरों, बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से सामान्य दिनों की तुलना में अधिक कचरा निकलता है। ऐसे में कचरा संग्रहण व्यवस्था लंबे समय तक बंद रहने पर शहर में गंदगी बढ़ सकती है। दो दिनों में ही 2100 टन कचरा जमा होने से स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अब सबकी नजर प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर है। हड़ताल जारी रहने की स्थिति में कचरा संग्रहण और सफाई व्यवस्था को सामान्य करना बड़ी चुनौती बन सकता है। फिलहाल बुधवार शाम की वार्ता में सहमति नहीं बनने से शहरवासियों को राहत मिलने का इंतजार है।

