सनातन धर्म को गलत तरीके से पेश किया जा रहा; दिग्विजय सिंह ने बताया बाबा साहब को किस वर्ण का होना था
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का कहना है कि सनातन धर्म को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और यहां वर्ण व्यवस्था जन्म से नहीं बल्कि कर्म से थी। उन्होंने यह बात अपनी 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' के दौरान उज्जैन में कही। इस दौरान उन्होंने संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर को ब्राह्मणों से भी ज्यादा बुद्धिमान बताया और कहा कि अगर कर्म आधारित व्यवस्था होती तो वह ब्राह्मण होते।
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘सनातन धर्म को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, यहां वर्ण व्यवस्था जन्म से नहीं थी, बल्कि कर्म से थी।’ आगे उन्होंने कहा, 'बाबा साहब आंबेडकर ब्राह्मणों से भी ज्यादा बुद्धिमान थे, तो उनको तो कर्म से ब्राह्मण होना था। इसलिए कांग्रेस पार्टी सही सनातन धर्म का पालन करती है।'
इससे एक दिन पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार को उज्जैन से 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' शुरू की, जिसका उद्देश्य उन्होंने सनातन संस्कृति के मूल आदर्शों सत्य, करुणा, सेवा और सद्भाव का प्रसार करना बताया था। उज्जैन से शुरू हुई यह यात्रा करीब 930 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद अयोध्या पहुंचेगी, जहां भगवान राम का भव्य मंदिर स्थित है। इस पदयात्रा का नेतृत्व संत-महात्माओं का एक समूह कर रहा है।
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने पदयात्रा शुरू करने से पहले यहां चिंतामण गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन किए और हरसिद्धि मंदिर भी गए। यात्रा की औपचारिक शुरुआत नरसिंह घाट के पास स्थित बालाजी गार्डन में हुई। इससे पहले भगवान शिव के मिट्टी से निर्मित पवित्र प्रतीक 'पार्थिव शिवलिंगों' का निर्माण कर उनका पूजन किया गया।

