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RSS की अगली शताब्दी की रणनीति पर इंदौर में मंथन: सोमवार से तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक, संगठनात्मक बदलावों पर होगी चर्चा

RSS की अगली शताब्दी की रणनीति पर इंदौर में मंथन: सोमवार से तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक, संगठनात्मक बदलावों पर होगी चर्चा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपनी स्थापना के 101वें वर्ष में प्रवेश के साथ ही अगले 100 वर्षों की दिशा और रणनीति तय करने की तैयारी में जुटा है। शताब्दी वर्ष के बाद अब संगठन की प्राथमिकताओं, कार्यपद्धति और विस्तार को लेकर नए सिरे से मंथन किया जा रहा है। इसी सिलसिले में मध्य प्रदेश के इंदौर में सोमवार से अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक शुरू होने जा रही है। संघ की आगामी योजनाओं और संगठनात्मक बदलावों के लिहाज से इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संघ के लिए मालवा प्रांत का शताब्दी वर्ष के आयोजनों में विशेष स्थान रहा है। यहां शताब्दी वर्ष का जयघोष होने के बाद अब संघ की अगली शताब्दी की शुरुआत से जुड़ी बैठक भी इसी क्षेत्र में आयोजित हो रही है। ऐसे में इंदौर और मालवा की भूमिका इस आयोजन के कारण चर्चा में है।

बैठक 2 से 4 नवंबर तक चलेगी। इसमें संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी छह सह-सरकार्यवाह और राष्ट्रीय स्तर के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे। संघ की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, देश के 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों से करीब 408 पदाधिकारियों के बैठक में शामिल होने की उम्मीद है।

शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की होगी समीक्षा

बैठक का एक प्रमुख एजेंडा शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा करना है। संघ की स्थापना 1925 में हुई थी। विजयादशमी 2025 से विजयादशमी 2026 तक संगठन ने अपनी 100 साल की यात्रा पूरी होने के उपलक्ष्य में देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए। अब बैठक में इन कार्यक्रमों के अनुभवों, उपलब्धियों और उनके प्रभाव पर चर्चा की जाएगी।

संघ के अनुसार, वर्तमान में देशभर में उसकी 1,01,151 दैनिक शाखाएं संचालित हो रही हैं। साप्ताहिक मिलन और अन्य गतिविधियों को शामिल करने पर संघ का कार्य करीब 1,10,849 स्थानों तक पहुंच चुका है। शताब्दी वर्ष के दौरान 65,660 हिंदू सम्मेलन भी आयोजित किए गए। बैठक में संगठन के विस्तार और इन गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना पर विचार होगा।

संगठनात्मक ढांचे में बदलाव पर मंथन

बैठक में संघ के संगठनात्मक ढांचे में प्रस्तावित बदलावों पर भी चर्चा होगी। इसके साथ ही आने वाले समय में संगठन की जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली को लेकर भी विचार किया जाएगा। मार्च 2027 में नागपुर में होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा से पहले संगठन के चुनाव की प्रक्रिया जिला, विभाग, प्रांत और क्षेत्र स्तर पर आगे बढ़ेगी। इसके बाद सरकार्यवाह के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होगी।

नशे की समस्या और युवाओं की भागीदारी भी एजेंडे में

बैठक में युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या पर भी चर्चा होगी। संघ सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाओं के सहयोग से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की योजना पर विचार करेगा। इसके अलावा महिलाओं और युवाओं की सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी, नई पीढ़ी की अपेक्षाओं और उनके सुझावों को भविष्य के कार्यक्रमों में शामिल करने पर भी मंथन होगा।

नए मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामग्री और उससे जुड़ी चुनौतियां, देश के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप तथा बदलती वैश्विक परिस्थितियां भी चर्चा के विषय रहेंगे। संघ प्रमुख मोहन भागवत की अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन यात्राओं के दौरान हुए संवाद और वैश्विक स्तर पर संपर्क बढ़ाने की आगे की योजना की समीक्षा भी की जाएगी।

पंच परिवर्तन को आगे बढ़ाने की तैयारी

संघ की पंच परिवर्तन पहल भी बैठक के एजेंडे में शामिल है। इसके तहत सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों पर समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ मिलकर काम करने की योजना पर चर्चा होगी।

बैठक के अंतिम दिन 4 नवंबर को सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मीडिया से बातचीत करेंगे। वे तीन दिनों की चर्चा और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे तथा पत्रकारों के सवालों के जवाब देंगे। इस तरह इंदौर की बैठक शताब्दी वर्ष की समीक्षा के साथ संघ के अगले चरण की संगठनात्मक और सामाजिक गतिविधियों की दिशा तय करने का मंच बनेगी।

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