कुएं से बचाया, बाहर आते ही कर दिया हमला: जंगली सूअर ने अपने ही रक्षक किसान को किया घायल
कटनी जिले के विजयराघवगढ़ वन परिक्षेत्र के सतवारा गांव में इंसानियत की मिसाल पेश करने वाले एक किसान को जंगली सूअर की जान बचाना भारी पड़ गया। कुएं में गिरे जंगली सूअर को सुरक्षित बाहर निकालने के कुछ ही पल बाद उसने किसान पर हमला कर दिया, जिससे किसान गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। घायल किसान को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार, सतवारा गांव के पास एक जंगली सूअर गलती से खुले कुएं में गिर गया था। इसकी सूचना मिलने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। किसान ने अन्य लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद रस्सियों और स्थानीय संसाधनों की सहायता से सूअर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
लेकिन जैसे ही जंगली सूअर कुएं से बाहर आया, वह घबरा गया और अचानक किसान पर हमला कर दिया। सूअर के हमले से किसान गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह शोर मचाकर और सूअर को भगाकर किसान की जान बचाई।
घटना के बाद घायल किसान को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार किसान को शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जंगली जानवर घायल या भयभीत होने की स्थिति में आक्रामक व्यवहार कर सकते हैं। ऐसे मामलों में आम लोगों को स्वयं रेस्क्यू करने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए, ताकि प्रशिक्षित टीम सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू अभियान चला सके।
इस घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कोई जंगली जानवर कुएं, खेत या आबादी वाले क्षेत्र में फंस जाए तो उसे बचाने की कोशिश खुद न करें। विशेषज्ञों की मदद से ही रेस्क्यू कराया जाए, ताकि इंसानों और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सतवारा गांव की यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि वन्यजीवों की मदद करना सराहनीय है, लेकिन बिना सुरक्षा और प्रशिक्षण के ऐसा करना जानलेवा भी साबित हो सकता है।

