रीवा में अकेले बचे हाथी भरत को पकड़ने रेस्क्यू तेज, बांधवगढ़ के बाद संजय रिजर्व से चित्रा-बापू भी पहुंचे
मध्य प्रदेश के रीवा जिले के मलकपुर में साथी हाथी की करंट लगने से मौत के बाद अब अकेले बचे हाथी भरत को सुरक्षित पकड़ने के लिए वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। भरत को पकड़ने के लिए प्रशिक्षित हाथियों की मदद ली जा रही है। बांधवगढ़ से रामा और सूर्या के बाद अब संजय टाइगर रिजर्व से चित्रा और बापू को भी मौके पर बुलाया गया है।
साथी की मौत के बाद अकेला हुआ भरत
मलकपुर इलाके में हाथियों के झुंड में शामिल एक हाथी की करंट लगने से मौत हो गई थी। इसके बाद भरत अकेला रह गया है। वन विभाग को आशंका है कि साथी से अलग होने के बाद उसका व्यवहार बदल सकता है और वह आसपास के इलाकों में भटक सकता है।इसी वजह से विभाग की टीम भरत की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
प्रशिक्षित हाथियों की ली जा रही मदद
रेस्क्यू ऑपरेशन में पहले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से प्रशिक्षित हाथी रामा और सूर्या को बुलाया गया था। अब अभियान को और मजबूत करने के लिए संजय टाइगर रिजर्व से चित्रा और बापू को भी मलकपुर लाया गया है।प्रशिक्षित हाथियों की मदद से भरत के करीब पहुंचने और उसे नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। वन विभाग की टीमें इलाके में लगातार गश्त कर रही हैं।
मंगलवार को भी जारी रहा अभियान
वन विभाग की टीमों ने मंगलवार को भी भरत की तलाश और निगरानी जारी रखी। हाथी की लोकेशन पर नजर रखने के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी सतर्कता बरती जा रही है।अधिकारियों का प्रयास है कि भरत को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़ा जाए। इसके लिए प्रशिक्षित हाथियों और विशेषज्ञ टीमों की मदद ली जा रही है।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
भरत की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। ग्रामीणों को हाथी के करीब नहीं जाने और उसे उकसाने से बचने की सलाह दी जा रही है।वन विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक भरत को सुरक्षित रेस्क्यू करना अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

