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सावन में उज्जैन पहुंचेगी श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़, रेलवे पहली बार लागू करेगा वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था

सावन में उज्जैन पहुंचेगी श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़, रेलवे पहली बार लागू करेगा वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था

श्रावण और भादौ मास में भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या इस बार रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। बाबा महाकाल के प्रति आस्था रखने वाले लाखों भक्त सावन के पवित्र महीने में उज्जैन पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए रेलवे और प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।

जानकारी के अनुसार, अगस्त और सितंबर महीने के लिए उज्जैन आने वाली ट्रेनों में एडवांस टिकट बुकिंग ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहले ही यात्रा की योजना बना ली है। ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे को उम्मीद है कि इस बार महाकाल नगरी में भक्तों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक हो सकती है।

श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए रेलवे पहली बार उज्जैन रेलवे स्टेशन पर वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य स्टेशन परिसर में यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित करना और भीड़ के दबाव को कम करना है।

नई व्यवस्था के तहत यात्रियों के आने और जाने के लिए अलग-अलग रास्ते निर्धारित किए जा सकते हैं। इससे प्लेटफॉर्म, प्रवेश द्वार और निकासी मार्गों पर होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटना आसान होगा।

सावन के दौरान उज्जैन में हर साल देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेष रूप से सोमवार के दिन बाबा महाकाल की भस्म आरती और दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं। इस बार अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन और रेलवे विभाग आपसी समन्वय के साथ तैयारियों में जुटे हुए हैं।

रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती, यात्रियों के लिए सहायता केंद्र, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण जैसे इंतजाम किए जा रहे हैं। साथ ही ट्रेनों के संचालन और यात्रियों की सुविधा को लेकर भी विशेष योजना बनाई जा रही है।

महाकाल मंदिर प्रशासन भी सावन-भादौ मास में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने में जुटा है। मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा जांच और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठाए जा रहे हैं।

उज्जैन में इस बार सावन का महीना आस्था और श्रद्धा के साथ-साथ बड़ी प्रशासनिक चुनौती भी लेकर आ रहा है। रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना के बीच रेलवे की वन-वे व्यवस्था भीड़ प्रबंधन में कितनी कारगर साबित होती है, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन कराने पर है।

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