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नरसिंहपुर जेल में महिला बंदी बना रहीं राखियां: रक्षाबंधन पर जेल गेट पर लगा हस्तशिल्प स्टॉल, लोगों को पसंद आ रहीं राखियां

नरसिंहपुर जेल में महिला बंदी बना रहीं राखियां: रक्षाबंधन पर जेल गेट पर लगा हस्तशिल्प स्टॉल, लोगों को पसंद आ रहीं राखियां

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर जेल प्रशासन की एक अनूठी पहल सामने आई है। जिला जेल में बंद महिला कैदियों द्वारा हाथ से तैयार की गई राखियां लोगों के लिए उपलब्ध कराई जा रही हैं। जेल गेट के बाहर हस्तशिल्प उत्पादों का स्टॉल लगाया गया है, जहां महिला बंदियों द्वारा तैयार की गई राखियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

रक्षाबंधन के अवसर पर जेल प्रशासन की ओर से महिला बंदियों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने और उनके हुनर को सामने लाने का प्रयास किया गया है। बंदियों ने अलग-अलग डिजाइन और रंगों की राखियां तैयार की हैं। इन राखियों को स्टॉल के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

जेल अधिकारियों के अनुसार, महिला बंदियों को विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी प्रशिक्षण के तहत उन्होंने राखियां तैयार की हैं। राखी बनाने के काम से बंदियों को अपनी रचनात्मकता दिखाने के साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी मिल रहा है।

जेल गेट पर लगाए गए स्टॉल में राखियों के साथ अन्य हस्तशिल्प सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। लोग यहां पहुंचकर राखियां खरीद रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथ से बनी राखियों की गुणवत्ता और डिजाइन आकर्षक हैं। इसके अलावा इन राखियों को खरीदने से महिला बंदियों के प्रयास को प्रोत्साहन भी मिलता है।

जेल प्रशासन का उद्देश्य केवल बंदियों को सजा देना नहीं, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सकारात्मक गतिविधियों का अवसर देना भी है। हस्तशिल्प जैसे कार्य बंदियों को नई कला सीखने और भविष्य में रोजगार की संभावनाएं तलाशने में मदद कर सकते हैं।

महिला बंदियों ने राखियां तैयार करने के दौरान रंग-बिरंगे धागों, मोतियों और सजावटी सामग्री का इस्तेमाल किया है। अलग-अलग उम्र और पसंद को ध्यान में रखते हुए कई तरह की राखियां बनाई गई हैं। त्योहार के कारण स्टॉल पर लोगों की आवाजाही भी बढ़ रही है।

रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं। ऐसे में जेल में तैयार की गई राखियों को लेकर लोगों में भी खास रुचि देखने को मिल रही है। कई लोग इसे सामाजिक रूप से सकारात्मक पहल मान रहे हैं।

जेल प्रशासन का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से बंदियों में आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्हें यह महसूस होता है कि वे समाज के लिए सकारात्मक काम कर सकती हैं। साथ ही उनकी कला और मेहनत को बाजार मिलने से उन्हें आर्थिक रूप से भी लाभ हो सकता है।

नरसिंहपुर जेल के बाहर लगाया गया यह हस्तशिल्प स्टॉल रक्षाबंधन के दौरान लोगों के लिए खरीदारी का एक अलग विकल्प बन गया है। महिला बंदियों की बनाई राखियां न केवल त्योहार की जरूरत पूरी कर रही हैं, बल्कि सुधार और पुनर्वास की दिशा में जेल प्रशासन के प्रयासों को भी दर्शाती हैं।

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