राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मिक का खड़गे पर निशाना, बोलीं- जिस पाले में खड़े वहां वैचारिकता शुद्ध नहीं; BJP में कई दलित नेता कर रहे बेहतर काम
राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मिक ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लेकर बड़ा बयान दिया है। जबलपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने खड़गे पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस राजनीतिक पाले में वह खड़े हैं, वहां वैचारिकता शुद्ध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी में खड़गे से ज्यादा काम करने वाले कई दलित नेता मौजूद हैं।
सुमित्रा बाल्मिक ने कहा कि दलित समाज के नेताओं को केवल पद मिलने से नहीं, बल्कि उनके काम और योगदान से पहचाना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजेपी में ऐसे कई नेता हैं, जो समाज के लिए लगातार काम कर रहे हैं और अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
खड़गे की राजनीति पर उठाए सवाल
राज्यसभा सांसद ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी नेता की पहचान उसके विचारों और कार्यों से होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि खड़गे जिस दल में हैं, वहां की विचारधारा सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी में दलित समाज से आने वाले कई नेता संगठन और सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उनके अनुसार पार्टी में सभी वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर दिया जाता है।
दलित नेतृत्व को लेकर सियासी बयानबाजी तेज
मल्लिकार्जुन खड़गे देश के प्रमुख दलित नेताओं में शामिल हैं और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व को लेकर अक्सर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी होती रही है।
बीजेपी नेता सुमित्रा बाल्मिक का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश की राजनीति में दलित प्रतिनिधित्व और सामाजिक समीकरणों को लेकर बहस लगातार जारी है। अलग-अलग राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से दलित समाज के हितों और नेतृत्व को लेकर दावे करते रहे हैं।
भाजपा के पक्ष में रखा अपना तर्क
सुमित्रा बाल्मिक ने बीजेपी की नीतियों का समर्थन करते हुए कहा कि पार्टी में दलित और पिछड़े वर्ग के नेताओं को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी में कई नेता ऐसे हैं, जिन्होंने संगठन और समाज के लिए खड़गे से ज्यादा काम किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी नेता का मूल्यांकन केवल उसकी जाति या पद के आधार पर नहीं, बल्कि उसके काम और विचारधारा के आधार पर होना चाहिए।
कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार
सुमित्रा बाल्मिक के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि अभी तक कांग्रेस की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मध्यप्रदेश में भी राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी का दौर जारी है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर दोनों दलों के नेताओं के बीच और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल सकते हैं।

