मध्यप्रदेश से EVM किराए पर लेकर चुनाव करवाएगा राजस्थान, दोनों राज्यों के बीच हुआ एमओयू
राजस्थान में आगामी चुनावों के लिए तकनीकी तैयारी का एक नया कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) किराए पर लेकर चुनाव कराने का फैसला किया है। इसके लिए दोनों राज्यों के बीच आज एक एमओयू (सहयोग समझौता) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता चुनाव प्रक्रिया को और पारदर्शी, सुरक्षित और सुचारु बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
राजस्थान के चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मध्यप्रदेश से EVM और VVPAT मंगाने का निर्णय तकनीकी और आर्थिक दृष्टि से लाभकारी माना गया है। “इस पहल से हमें अपनी चुनावी तैयारियों को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही, मशीनों की संख्या पर्याप्त होने से मतदान प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी,” अधिकारी ने कहा।
एमओयू के तहत मध्यप्रदेश अपनी मशीनें राजस्थान को किराए पर देगा। दोनों राज्यों के अधिकारी इस प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और मशीनों के सुरक्षित परिवहन और संचालन के लिए आवश्यक प्रबंध करेंगे। एमओयू में मशीनों की मरम्मत, रखरखाव और प्रशिक्षण जैसी जिम्मेदारियों का विवरण भी शामिल है।
राजस्थान के मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा, “यह सहयोग केवल मशीनों तक सीमित नहीं है। इसके तहत हमारी टीम को मध्यप्रदेश के तकनीकी विशेषज्ञों से प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी मिलेगा। इससे मतदान की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय होगी।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह पहली बार नहीं है जब राज्यों के बीच EVM साझा करने का कदम उठाया गया है, लेकिन इस तरह का औपचारिक एमओयू तकनीकी सहयोग को नई दिशा देगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि किराए पर मशीनें लेना और अन्य राज्यों से सहयोग करना चुनाव प्रक्रिया में समय और लागत दोनों की बचत करता है। साथ ही, इससे मशीनों की संख्या बढ़ने और चुनाव के दौरान किसी भी तकनीकी समस्या से निपटने की क्षमता बढ़ती है।
राजस्थान में आगामी चुनावों को देखते हुए प्रशासन ने मतदान केंद्रों, अधिकारियों और कर्मचारियों की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। EVM और VVPAT के लिए तकनीकी जाँच, प्रशिक्षण और ट्रायल की प्रक्रिया भी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मशीनों के वितरण और संचालन में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होने दी जाएगी।
राजनीतिक दल और आम नागरिक भी इस कदम को सकारात्मक रूप में देख रहे हैं। इससे मतदान की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और निर्बाध होगी। वहीं, सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रशासन ने कहा कि सभी मशीनों की निगरानी और तकनीकी सहायता हर चरण में उपलब्ध रहेगी।
कुल मिलाकर, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच EVM और VVPAT साझा करने का यह समझौता आगामी चुनावों की तैयारियों में महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देगा बल्कि चुनाव प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध बनाने में मदद करेगा।

