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मध्यप्रदेश में बारिश का संकट बरकरार, 42 जिलों में सामान्य से कम वर्षा; अगले दो दिन भारी बारिश का अलर्ट नहीं

मध्यप्रदेश में बारिश का संकट बरकरार, 42 जिलों में सामान्य से कम वर्षा; अगले दो दिन भारी बारिश का अलर्ट नहीं

मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल कमजोर बनी हुई है। प्रदेश में अब तक औसत 15.4 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो तय कोटे की आधी भी नहीं है। सामान्य से कम बारिश के कारण किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिनों में प्रदेश के किसी भी हिस्से में भारी बारिश की संभावना नहीं है।मौसम केंद्र (IMD) के मुताबिक मध्यप्रदेश के भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर समेत 42 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। कई जिलों में मानसून की धीमी गति के कारण बारिश का आंकड़ा औसत से काफी पीछे चल रहा है।

किसानों की बढ़ी चिंता

बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर खेती-किसानी पर पड़ रहा है। प्रदेश में खरीफ फसलों की बुवाई के बाद अब किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से कई क्षेत्रों में फसलों की बढ़त प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही हैकिसानों का कहना है कि यदि जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई तो सिंचाई और फसल उत्पादन पर इसका असर पड़ सकता है। खासतौर पर सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त नमी जरूरी है।

अगले दो दिन भारी बारिश के आसार नहीं

मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में ऐसा कोई मजबूत सिस्टम सक्रिय नहीं है, जिससे भारी बारिश की संभावना बन सके। IMD ने अगले दो दिनों के लिए कहीं भी हैवी रेन का अलर्ट जारी नहीं किया है।हालांकि, कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून सिस्टम में बदलाव के बाद ही प्रदेश में बारिश की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है।

कई बड़े शहर भी बारिश में पिछड़े

राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम है। ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी मानसूनी बारिश की कमी दर्ज की गई है।मौसम विभाग लगातार प्रदेश के जिलों में बारिश की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में नए सिस्टम के सक्रिय होने पर बारिश में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल मध्यप्रदेश में मानसून की धीमी चाल ने लोगों की उम्मीदों को बढ़ा दिया है। प्रदेशवासियों को अब अच्छी बारिश के लिए नए मौसम सिस्टम का इंतजार है।

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