सागर में बारिश ने छोड़ा सूखा असर: पिछले साल से 40.6% कम पानी, 41 दिन में 27.6 इंच की दरकार
मध्य प्रदेश के सागर जिले में इस मानसून सीजन बारिश की रफ्तार कमजोर बनी हुई है। पिछले साल की तुलना में अब तक करीब 40.6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इस सीजन में अब तक जिले में सिर्फ 20.8 इंच बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा करने के लिए अगले 41 दिनों में करीब 27.6 इंच बारिश की जरूरत है।
बारिश की कमी का असर खेती और जलस्रोतों पर भी पड़ने की आशंका है। मानसून का बड़ा हिस्सा बीतने के बावजूद अपेक्षित बारिश नहीं होने से किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। जिले में कई स्थानों पर बारिश हुई है, लेकिन लगातार और पर्याप्त पानी नहीं बरसने से सीजन का आंकड़ा अभी सामान्य स्तर से काफी नीचे है।
पिछले साल के मुकाबले 40.6 फीसदी कमी
आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल इसी अवधि तक सागर में इस साल की तुलना में काफी अधिक बारिश हो चुकी थी। इस बार अब तक 20.8 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 40.6 प्रतिशत कम है।
बारिश में इतनी बड़ी कमी का असर ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा देखने को मिल सकता है। खेती मुख्य रूप से मानसूनी बारिश पर निर्भर रहती है। ऐसे में लंबे समय तक बारिश की कमी रहने पर फसलों की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
सामान्य आंकड़ा पूरा करने 27.6 इंच बारिश जरूरी
मौसम विभाग और स्थानीय आंकड़ों के अनुसार जिले में सामान्य बारिश का कोटा पूरा करने के लिए अभी करीब 27.6 इंच पानी और चाहिए। मानसून सीजन में करीब 41 दिन का समय शेष माना जा रहा है।
इस दौरान यदि अच्छी और लगातार बारिश होती है तो बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए आने वाले दिनों में मानसून सिस्टम के सक्रिय होने और पर्याप्त बारिश होने की जरूरत होगी।
किसानों की बढ़ी चिंता
बारिश की कमी को लेकर किसानों की चिंता बढ़ रही है। खरीफ की फसलें बारिश पर निर्भर होती हैं। समय पर पर्याप्त पानी नहीं मिलने से फसलों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है।
किसानों की नजर अब आने वाले दिनों के मौसम पर है। यदि लगातार बारिश होती है तो खेतों में नमी की स्थिति बेहतर हो सकती है और फसलों को राहत मिलेगी। वहीं बारिश की कमी आगे भी जारी रही तो कृषि उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका बनी रहेगी।
जलस्रोतों पर भी असर
कम बारिश का असर जिले के तालाबों, बांधों और अन्य जलस्रोतों पर भी पड़ सकता है। पर्याप्त बारिश नहीं होने से जलस्रोतों में पानी की आवक कम रह सकती है। इसका असर सिंचाई के साथ-साथ आने वाले समय में पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल सागर जिले में मानसून से राहत की उम्मीद बनी हुई है। अगले 41 दिन बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। सामान्य बारिश का आंकड़ा हासिल करने के लिए 27.6 इंच अतिरिक्त पानी की जरूरत है। ऐसे में आने वाले सप्ताहों में मानसून की सक्रियता तय करेगी कि जिले में बारिश की कमी कितनी दूर हो पाती है।

