ग्वालियर में बारिश से रेलवे अंडरपास बने खतरा, पानी भरने से हादसे की आशंका; झांसी मंडल ने बढ़ाई निगरानी
मध्य प्रदेश के ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में मानसून की सक्रियता के चलते लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के कारण रेलवे ट्रैक के नीचे बने वाटर-वे ब्रिज (अंडरपास) में पानी भरने की समस्या सामने आ रही है। कई अंडरपासों में जलभराव होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
स्थिति को गंभीरता से लेते हुए झांसी रेल मंडल ने सभी संवेदनशील अंडरपासों पर विशेष निगरानी रखने की तैयारी शुरू कर दी है। रेलवे अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को सतर्क रहने और जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
अंडरपास में पानी भरने से बढ़ा खतरा
बारिश के दौरान रेलवे ट्रैक के नीचे बनाए गए कई अंडरपास में पानी जमा हो जाता है। ऐसे में वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए वहां से गुजरना जोखिम भरा हो सकता है। कई बार पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगने से हादसे की स्थिति बन जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज बारिश के बाद अंडरपास में कई घंटे तक पानी भरा रहता है, जिससे आवागमन प्रभावित होता है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
रेलवे ने शुरू की सतर्कता
झांसी रेल मंडल ने मानसून को देखते हुए सभी ऐसे अंडरपास चिन्हित किए हैं, जहां बारिश के दौरान जलभराव की संभावना ज्यादा रहती है। इन स्थानों पर रेलवे कर्मचारियों को निगरानी के लिए तैनात किया जा रहा है।
रेलवे की ओर से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर पानी निकासी की व्यवस्था जल्द की जा सके। साथ ही स्थानीय लोगों को भी सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
रेलवे अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जलभराव वाले अंडरपास से गुजरने से बचें और पानी की अधिक गहराई होने पर जोखिम न लें। विशेषकर बारिश के समय जल्दबाजी में वाहन निकालने से हादसे हो सकते हैं।
मानसून के दौरान रेलवे और प्रशासन की चुनौती बढ़ जाती है। ऐसे में समय पर निगरानी और त्वरित कार्रवाई से ही दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। झांसी रेल मंडल ने भी इसी उद्देश्य से संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है।

