Samachar Nama
×

मानसून की बेरुखी से बारिश का आंकड़ा पिछड़ा, आधा अगस्त बीता फिर भी 2 इंच बारिश नहीं

मानसून की बेरुखी से बारिश का आंकड़ा पिछड़ा, आधा अगस्त बीता फिर भी 2 इंच बारिश नहीं

मानसून सीजन के बीच बारिश की कमी ने चिंता बढ़ा दी है। अगस्त का आधा महीना बीत चुका है, लेकिन इस माह अब तक दो इंच बारिश भी दर्ज नहीं हो पाई है। लगातार कमजोर मानसूनी गतिविधियों के कारण बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे चल रहा है। अब लोगों और किसानों की उम्मीदें मानसून के बचे हुए दिनों पर टिकी हैं।

अगस्त को आमतौर पर बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण महीना माना जाता है। इस दौरान अच्छी बारिश होने से खेतों में खड़ी फसलों को पर्याप्त पानी मिलता है और जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ती है। लेकिन इस बार मानसून की बेरुखी के कारण स्थिति उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। आधा अगस्त गुजरने के बावजूद बारिश का आंकड़ा दो इंच तक नहीं पहुंचना चिंता का विषय बना हुआ है।

बारिश की कमी का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। खरीफ सीजन की फसलों के लिए इस समय पर्याप्त नमी जरूरी है। जिन क्षेत्रों में पहले हुई बारिश के सहारे फसलें बढ़ रही हैं, वहां लंबे समय तक बारिश नहीं होने पर किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ सकते हैं। बारिश पर निर्भर किसानों की चिंता इससे और बढ़ गई है।

मानसून की कमजोर गतिविधि का असर तापमान और उमस पर भी दिखाई दे रहा है। बारिश के अभाव में कई इलाकों में गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं। हालांकि बीच-बीच में स्थानीय स्तर पर बादल छाने और हल्की बारिश होने से राहत मिलती है, लेकिन व्यापक स्तर पर पर्याप्त बारिश नहीं हो पा रही है।

मौसम विभाग की गतिविधियों पर अब लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने पर बारिश के आंकड़े में सुधार की उम्मीद है। हालांकि अगस्त के शुरुआती 15 दिन अपेक्षाकृत सूखे रहने से सामान्य बारिश का लक्ष्य पूरा करने के लिए अब शेष अवधि में अच्छी बारिश जरूरी होगी।

विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून की स्थिति में बदलाव होने पर आने वाले सप्ताह में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। यदि मानसून सक्रिय होता है तो खेतों में नमी की कमी दूर होने के साथ जलस्रोतों को भी फायदा मिलेगा। वहीं, यदि बारिश का दौर कमजोर रहा तो सीजन की कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे रह सकता है।

फिलहाल अगस्त के बचे दिनों के साथ मानसून सीजन के शेष करीब 45 दिनों पर लोगों की उम्मीदें टिकी हैं। किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार है, जबकि प्रशासन और मौसम विभाग भी वर्षा के आंकड़ों और आगामी मौसम गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

Share this story

Tags