700 साल पुराने महाकाल द्वार के गिरने पर उठे सवाल, एक्सपर्ट बोले- निर्माण में लापरवाही बनी वजह
प्राचीन महाकाल द्वार गिरने के मामले में अब इसकी मजबूती और निर्माण कार्य की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारियों की ओर से जहां 700 साल पुराने इस ऐतिहासिक गेट की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए, वहीं विशेषज्ञों की जांच में इसके गिरने की वजह कुछ और सामने आई है।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, प्राचीन द्वार गिरने के कारणों को समझने के लिए विशेषज्ञों से बातचीत की गई। इसमें सामने आया कि सड़क निर्माण के दौरान बरती गई लापरवाही इस हादसे की बड़ी वजह हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिस क्षेत्र में काम किया जा रहा था, वहां की मिट्टी भुरभुरी थी। इसके बावजूद निर्माण एजेंसी ने बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के सीधे खुदाई शुरू कर दी।
जानकारों के मुताबिक, ऐसे स्थानों पर खुदाई से पहले मिट्टी को रोकने के लिए सुरक्षा दीवार या सपोर्ट सिस्टम तैयार करना जरूरी होता है। लेकिन सड़क निर्माण के दौरान ऐसा नहीं किया गया। इसके चलते आसपास की जमीन कमजोर हुई और इसका असर सदियों पुराने महाकाल द्वार की नींव पर पड़ा।
विशेषज्ञों का कहना है कि 14वीं शताब्दी ईस्वी के इस ऐतिहासिक गेट ने सैकड़ों वर्षों तक मजबूती से अपनी जगह बनाए रखी थी। इतने लंबे समय तक खड़े रहने वाले इस प्राचीन ढांचे के अचानक गिरने के पीछे केवल उसकी उम्र को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। निर्माण कार्य के दौरान तकनीकी मानकों की अनदेखी भी इसकी बड़ी वजह हो सकती है।
घटना के बाद अधिकारियों ने गेट की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए थे। हालांकि विशेषज्ञों की राय के बाद अब सड़क निर्माण के तरीके और बरती गई सावधानियों पर भी जांच की जरूरत महसूस की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक धरोहरों के आसपास किसी भी तरह के निर्माण कार्य से पहले विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे प्राचीन स्मारक केवल पत्थरों से बनी संरचनाएं नहीं होते, बल्कि इनसे शहर का इतिहास और संस्कृति जुड़ी होती है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि सड़क निर्माण के दौरान किन नियमों का पालन किया गया और क्या किसी स्तर पर लापरवाही हुई। जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
महाकाल द्वार के गिरने की घटना ने एक बार फिर ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा और उनके आसपास होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

