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शाजापुर में पेड़ों की अवैध कटाई पर सवाल: ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के बीच रात में चल रहा लकड़ी का खेल

शाजापुर में पेड़ों की अवैध कटाई पर सवाल: ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के बीच रात में चल रहा लकड़ी का खेल

मध्य प्रदेश सरकार जहां पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियान चला रही है, वहीं शाजापुर जिले में बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई और लकड़ी के परिवहन के आरोप सामने आए हैं। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आए तथ्यों ने वन विभाग और राजस्व विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बताया जा रहा है कि जिले के कई इलाकों में रात के समय पेड़ों की कटाई की जाती है और इसके बाद लकड़ी को वाहनों के माध्यम से दूसरे स्थानों तक पहुंचाया जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह गतिविधियां लंबे समय से चल रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।

रात के अंधेरे में कट रहे पेड़

पड़ताल में सामने आया कि अवैध कटाई करने वाले लोग रात के समय सक्रिय होते हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर पेड़ों को काटा जाता है और लकड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉली या अन्य वाहनों से बाहर भेजा जाता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते रोकथाम नहीं की गई तो आने वाले समय में हरियाली और प्राकृतिक संसाधनों पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।

विभागों की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

अवैध कटाई के आरोपों के बाद वन और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सरकार लगातार पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए अभियान चला रही है, लेकिन दूसरी ओर पुराने पेड़ों की कटाई को रोकने में विभागों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जंगल और राजस्व क्षेत्र में नियमित निगरानी बढ़ाई जाए और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

कार्रवाई का इंतजार

मामले को लेकर अब वन विभाग और प्रशासन की भूमिका पर नजर है। यदि अवैध कटाई के आरोपों की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियानों को सफल बनाने के लिए सिर्फ पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि मौजूदा पेड़ों की सुरक्षा भी जरूरी है। शाजापुर में सामने आए ये आरोप इसी दिशा में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत को उजागर करते हैं।

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