भोपाल में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का प्रदर्शन तेज, सीएम हाउस मार्च रोका; एक महिला कर्मचारी बेहोश
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित जयप्रकाश अस्पताल में नियमितीकरण समेत नौ सूत्रीय मांगों को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कर्मचारी अस्पताल परिसर में एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सीएम हाउस तक मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही उन्हें रोक दिया। सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी जा सकती थी, इसलिए एहतियातन यह कदम उठाया गया।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। धक्का-मुक्की और तेज धूप के बीच एक महिला कर्मचारी की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद साथियों ने उसे तुरंत प्राथमिक उपचार दिलाया। बाद में उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया।
संविदा कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से नियमितीकरण, वेतन विसंगति दूर करने, सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने अग्रिम पंक्ति में रहकर सेवाएं दीं, बावजूद इसके उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी नौ सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
वहीं, प्रशासन की ओर से फिलहाल औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। सूत्रों के मुताबिक, संबंधित विभाग के अधिकारी प्रतिनिधियों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश कर सकते हैं।
स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा। फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों के तेवर से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज हो सकता है।

