Samachar Nama
×

ओंकारेश्वर में विश्व सिकल सेल दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कार्यक्रम, 1.25 करोड़ स्क्रीनिंग लक्ष्य समय से पहले पूरा

ओंकारेश्वर में विश्व सिकल सेल दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कार्यक्रम, 1.25 करोड़ स्क्रीनिंग लक्ष्य समय से पहले पूरा

विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने सिकल सेल एनीमिया से जुड़ी जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा इस बीमारी से निपटने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन अभियान के तहत देशभर में व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग की जा रही है। इस अभियान का लक्ष्य 1.25 करोड़ लोगों की जांच करना था, जिसे निर्धारित समय से पहले ही पूरा कर लिया गया है। इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम के दौरान सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस बीमारी की समय पर पहचान और उपचार बेहद जरूरी है, ताकि प्रभावित लोगों का जीवन बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों और संबंधित संस्थाओं के प्रयासों की सराहना भी की।

प्रदर्शनी में सिकल सेल एनीमिया की जांच, रोकथाम और उपचार से जुड़ी तकनीकों और योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। राष्ट्रपति ने विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया और विशेषज्ञों से बातचीत कर बीमारी से जुड़ी चुनौतियों और समाधान के बारे में जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया की पहचान और उपचार के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि इस बीमारी को समय रहते नियंत्रित कर प्रभावित समुदायों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

अधिकारियों के अनुसार, इस राष्ट्रीय अभियान में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। लगातार जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जांच के लिए प्रेरित किया गया, जिसके चलते स्क्रीनिंग लक्ष्य समय से पहले पूरा हो सका।

इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए ऐसी बीमारियों के प्रति जागरूकता और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन की दिशा में और भी प्रभावी परिणाम देखने को मिलेंगे।

फिलहाल इस कार्यक्रम को देश के स्वास्थ्य अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, और इसे जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

Share this story

Tags