सिंहस्थ-2028 को स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के नए मॉडल के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू
मध्य प्रदेश में आयोजित होने वाले सिंहस्थ-2028 को इस बार स्वच्छता और आधुनिक कचरा प्रबंधन के एक नए मॉडल के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से भव्य हो, बल्कि स्वच्छता के मानकों पर भी एक उदाहरण बने।
सिंहस्थ-2028 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए ठोस कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक नियंत्रण और स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस योजना के तहत शहर के प्रमुख घाटों, अस्थायी शिविरों और मेला क्षेत्र में आधुनिक कचरा संग्रहण प्रणाली विकसित की जाएगी। साथ ही कचरे के पृथक्करण (segregation), पुनर्चक्रण (recycling) और निस्तारण के लिए विशेष व्यवस्था तैयार करने पर काम किया जा रहा है।
उज्जैन प्रशासन का मानना है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
इसके लिए स्थानीय निकायों के साथ-साथ विभिन्न एजेंसियों को भी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। मेला क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूकता अभियान और निगरानी व्यवस्था भी लागू की जाएगी।
मध्य प्रदेश सरकार की योजना है कि सिंहस्थ-2028 को एक ऐसे आयोजन के रूप में प्रस्तुत किया जाए, जो न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र हो, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का भी उदाहरण बने।
अधिकारियों के अनुसार, इस मॉडल को भविष्य में अन्य बड़े आयोजनों में भी लागू किया जा सकता है। फिलहाल इस दिशा में प्रारंभिक तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

