प्रयागराज में 5 फीट तक जलभराव पर हाईकोर्ट सख्त, 24 घंटे में निचले इलाकों से पानी निकालने का आदेश
प्रयागराज में बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में हुए भीषण जलभराव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नगर निगम को तत्काल जलभराव की समस्या दूर करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा से कहा कि अगले 24 घंटे में शहर के निचले इलाकों से पानी हर हाल में निकाला जाए।
कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में पानी जमा है, वहां पर्याप्त संख्या में वाटर पंप लगाए जाएं और तत्काल जल निकासी सुनिश्चित की जाए।
5 फीट तक पहुंचा जलभराव
प्रयागराज में लगातार बारिश के बाद शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। कुछ स्थानों पर जलभराव करीब 5 फीट तक पहुंचने की जानकारी सामने आई। इससे लोगों को घरों से निकलने और रोजमर्रा के कामकाज में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और घरों के आसपास भी पानी जमा हो गया। जलभराव के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में भी दिक्कत हुई।
हाईकोर्ट ने नगर निगम से मांगी कार्रवाई
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शहर की जल निकासी व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। कोर्ट ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि जलभराव वाले क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पंप लगाए जाएं।
न्यायालय ने कहा कि निचले इलाकों में जमा पानी को निकालने के लिए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
24 घंटे में जलभराव खत्म करने का निर्देश
हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त को अगले 24 घंटे में निचले इलाकों से जलभराव खत्म कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए नगर निगम की टीमों को मौके पर सक्रिय करने और पंपों की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया है।
कोर्ट के निर्देश के बाद नगर निगम के सामने अब जल निकासी को लेकर तत्काल कार्रवाई की चुनौती है। खासकर उन इलाकों में जहां कई फीट तक पानी जमा है, वहां लगातार पंप चलाकर पानी निकालना होगा।
बारिश ने खोली जल निकासी व्यवस्था की पोल
शहर में भारी जलभराव ने प्रयागराज की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के बाद कई इलाकों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से स्थानीय लोगों को परेशानी होती है।
निचले इलाकों में जलभराव के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ। लोगों का कहना है कि बारिश से पहले नालों की सफाई और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए थी।
फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम को 24 घंटे के भीतर जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत पहुंचानी होगी। अब देखना होगा कि वाटर पंप और अन्य संसाधनों के जरिए शहर से कितनी तेजी से पानी निकाला जाता है।

