सागर शराबकांड में 36 मौतों के बाद पुलिस की FIR: दोष सिद्ध हुआ तो उम्रकैद से फांसी तक; जानिए किस धारा में कितनी सजा
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच तेज कर दी है। इस हादसे में बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जहरीली शराब कांड में पुलिस ने अवैध शराब बनाने, बेचने और सप्लाई करने वाले नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आए आरोपियों की भूमिका के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई है और फरार लोगों की तलाश जारी है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
इस तरह के मामलों में आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आबकारी कानून की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जाती है। यदि जांच में यह साबित होता है कि आरोपियों ने जानबूझकर ऐसी जहरीली शराब तैयार की या बेची, जिससे लोगों की मौत हुई, तो उन्हें बेहद कठोर सजा का सामना करना पड़ सकता है।
पुलिस ने मामले में हत्या जैसी गंभीर धाराओं को भी शामिल किया है। राज्य सरकार की ओर से भी कहा गया है कि दोषियों पर उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा वाली धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
हत्या की धारा में हो सकती है कार्रवाई
यदि जांच में यह साबित होता है कि आरोपी को पता था कि उसके कृत्य से लोगों की जान जा सकती है और फिर भी उसने जहरीली शराब बेची, तो हत्या से जुड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई संभव है।
ऐसे मामलों में दोष सिद्ध होने पर:
- उम्रकैद की सजा हो सकती है।
- गंभीर परिस्थितियों में मृत्युदंड तक का प्रावधान हो सकता है।
- आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है।
जहरीली शराब बनाने और बेचने पर भी सख्त प्रावधान
अवैध शराब का निर्माण, भंडारण और बिक्री मध्य प्रदेश आबकारी कानून के तहत अपराध है। जहरीली शराब से मौत होने पर सामान्य आबकारी अपराध की तुलना में अधिक गंभीर कार्रवाई की जाती है।
इसके अलावा यदि जांच में यह सामने आता है कि आरोपियों ने मिलकर साजिश के तहत अवैध शराब का कारोबार चलाया, तो आपराधिक साजिश और अन्य संबंधित धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
सरकार ने दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश
सागर शराबकांड के बाद सरकार ने अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मामले में शराब बनाने के तरीके, सप्लाई चैन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया जाएगा। इसके बाद कोर्ट में दोष सिद्ध होने पर ही सजा तय होगी।

