सागर के बंडा में जहरीली शराब कांड: 3 आबकारी अधिकारी और 2 थाना प्रभारी निलंबित, विपक्ष ने सरकार को घेरा
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन आबकारी अधिकारियों और दो थाना प्रभारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा ग्वालियर के उपायुक्त को अटैच किया गया है। घटना के बाद विपक्ष ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए हमला बोला है।
जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासनिक कार्रवाई
बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से जुड़े मामले के सामने आने के बाद प्रशासन और आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया। घटना को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।
तीन आबकारी अधिकारियों और दो थाना प्रभारियों को निलंबित किए जाने के बाद विभागीय स्तर पर भी इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों की भूमिका और कथित लापरवाही को लेकर जांच की जा रही है।
ग्वालियर उपायुक्त अटैच
मामले में ग्वालियर के उपायुक्त को भी अटैच किया गया है। प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के बाद अब विभागीय स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
जहरीली शराब से जुड़े मामलों में प्रशासन और पुलिस की भूमिका को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में बंडा की घटना के बाद अधिकारियों पर हुई कार्रवाई को सरकार के सख्त रुख से जोड़कर देखा जा रहा है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
घटना को लेकर विपक्ष ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा है। विपक्षी नेताओं ने जहरीली शराब की बिक्री और प्रशासनिक निगरानी को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।
विपक्ष का कहना है कि अवैध और जहरीली शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने में प्रशासन विफल रहा है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई गई है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
बंडा जहरीली शराब कांड के बाद हुई कार्रवाई से साफ है कि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। हालांकि, घटना के पीछे अवैध शराब के नेटवर्क और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
फिलहाल निलंबन और अटैचमेंट की कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अमला मामले की आगे की जांच में जुटा है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और कार्रवाई होने की संभावना बनी हुई है।

