पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में एक रुपये में बस सुविधा का वादा अधूरा, छात्र घर से कॉलेज तक परिवहन सुविधा का कर रहे इंतजार
प्रदेश के 55 पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में प्रवेश के समय विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के साथ सस्ती परिवहन सेवा उपलब्ध कराने का वादा किया गया था। विद्यार्थियों से कहा गया था कि उन्हें घर या हॉस्टल के नजदीकी रूट से बस के जरिए कॉलेज लाने और वापस छोड़ने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए प्रतिदिन केवल एक रुपये का नाममात्र शुल्क तय करने की बात कही गई थी। हालांकि, इस वादे को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।
कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी मानी गई थी। खासकर उन छात्रों को इससे राहत मिलने की उम्मीद थी, जिन्हें रोजाना कॉलेज आने-जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कम शुल्क पर बस सुविधा मिलने से विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर परिवहन खर्च का बोझ भी कम हो सकता था।
प्रवेश के समय किया गया था बस सुविधा का वादा
पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में दाखिले के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया था कि कॉलेज तक पहुंचने के लिए बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। यह व्यवस्था इस तरह तैयार की जानी थी कि बसें विद्यार्थियों के घर या हॉस्टल के नजदीकी रूट से गुजरें। इससे उन्हें कॉलेज पहुंचने के लिए अलग से लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
योजना के तहत विद्यार्थियों को सुबह कॉलेज लाने और छुट्टी के बाद वापस छोड़ने की सुविधा देने का प्रस्ताव था। इसके लिए प्रतिदिन एक रुपये शुल्क की बात कही गई थी। इस घोषणा से विद्यार्थियों में उम्मीद जगी थी कि उन्हें कम खर्च में सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन मिल सकेगा।
विद्यार्थियों को मिल सकती थी बड़ी राहत
कॉलेज में पढ़ने वाले कई विद्यार्थी ऐसे होते हैं, जो आसपास के कस्बों और दूर-दराज के क्षेत्रों से आते हैं। सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहने वाले छात्रों को बसों के समय और उपलब्धता के अनुसार अपनी दिनचर्या तय करनी पड़ती है। कई बार कॉलेज पहुंचने और घर लौटने में भी परेशानी होती है।
ऐसे में कॉलेज की ओर से बस सेवा उपलब्ध होने पर विद्यार्थियों को नियमित आवागमन में सुविधा मिल सकती है। एक रुपये प्रतिदिन का शुल्क होने से यह सेवा आर्थिक रूप से भी काफी सस्ती साबित हो सकती थी।
योजना के क्रियान्वयन पर उठ रहे सवाल
प्रदेश के 55 पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में इस सुविधा को लेकर विद्यार्थियों की अपेक्षाएं बढ़ी थीं। अब इस योजना की वास्तविक स्थिति और इसके क्रियान्वयन को लेकर जानकारी महत्वपूर्ण हो गई है। बस सेवा कब शुरू होगी, किन रूटों पर बसें चलेंगी और कितने विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा, इन सवालों के जवाब जरूरी हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में बस सेवा शुरू होने की तारीख, बसों की संख्या और रूटों का विवरण स्पष्ट नहीं है। ऐसे में विद्यार्थियों को इस सुविधा का लाभ कब तक मिलेगा, यह देखना बाकी है।

