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आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के बीच रोजगार की तस्वीर, केंद्र की योजना में सबसे आगे दिखे MP के युवा

आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के बीच रोजगार की तस्वीर, केंद्र की योजना में सबसे आगे दिखे MP के युवा

आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के दावों के बीच राज्य के युवाओं में रोजगार को लेकर बढ़ती जरूरत की तस्वीर सामने आई है। दीनदयाल जन आजीविका योजना-शहरी (DJAY-S) के तहत जब 13 राज्यों के 25 चुनिंदा शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आवेदन मांगे गए, तो मध्य प्रदेश के युवाओं ने इसमें सबसे ज्यादा रुचि दिखाई। योजना के आंकड़ों ने प्रदेश में रोजगार की जमीनी स्थिति और युवाओं की नौकरी की तलाश को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

इस योजना के तहत अलग-अलग शहरों में रोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। पायलट प्रोजेक्ट में शामिल राज्यों और शहरों से बड़ी संख्या में युवाओं ने आवेदन किया। इनमें मध्य प्रदेश के युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही।

रोजगार की तलाश में सबसे आगे MP के युवा

योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया में मध्य प्रदेश के युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी सामने आई। इसे राज्य में रोजगार की जरूरत और युवाओं की नौकरी पाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

एक ओर राज्य सरकार आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की बात करती रही है, वहीं दूसरी ओर केंद्र की आजीविका योजना में रोजगार के लिए युवाओं की इतनी बड़ी भागीदारी यह संकेत देती है कि बड़ी संख्या में युवा अभी भी स्थायी आय और रोजगार के अवसर तलाश रहे हैं।

13 राज्यों के 25 शहरों में पायलट प्रोजेक्ट

दीनदयाल जन आजीविका योजना-शहरी के तहत शुरुआती चरण में देश के 13 राज्यों के 25 चुनिंदा शहरों को पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया। योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्र के लोगों को आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए आवेदन मांगे जाने के बाद युवाओं ने बड़ी संख्या में रुचि दिखाई। मध्य प्रदेश के युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक होना राज्य में रोजगार की मांग को रेखांकित करता है।

संसद में सामने आई रोजगार की तस्वीर

मध्य प्रदेश के युवाओं की इस भागीदारी का आंकड़ा संसद के पटल पर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई है। रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठा सकता है, जबकि सरकार इसे युवाओं की योजनाओं में बढ़ती भागीदारी के रूप में पेश कर सकती है।

हालांकि, आंकड़े का एक पहलू यह भी है कि रोजगार के अवसरों के लिए युवाओं में कितनी प्रतिस्पर्धा है। पायलट प्रोजेक्ट में मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में आवेदन आना बताता है कि राज्य के शहरी युवाओं के बीच रोजगार और आजीविका के अवसरों की मांग मजबूत बनी हुई है।

आत्मनिर्भरता के लक्ष्य के बीच अब चुनौती यह है कि युवाओं को केवल योजनाओं में आवेदन करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें पर्याप्त और टिकाऊ रोजगार व आय के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं।

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