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रीवा में विजयादशमी पर राजघराने में हुआ गद्दी पूजन, दशहरा मैदान में 56 फीट के रावण का दहन

रीवा में विजयादशमी पर राजघराने में हुआ गद्दी पूजन, दशहरा मैदान में 56 फीट के रावण का दहन

मध्य प्रदेश के रीवा में विजयादशमी का पर्व परंपरा और उत्साह के साथ मनाया गया। दशहरे के अवसर पर राजघराने में गद्दी पूजन की परंपरा संपन्न हुई। इसके बाद शहर के दशहरा मैदान में रावण दहन देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। इस साल आयोजन में 56 फीट ऊंचे रावण और 45-45 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले आकर्षण का केंद्र रहे।

दशहरा मैदान में रावण दहन को लेकर लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। परिवारों के साथ पहुंचे लोगों ने पर्व का आनंद लिया। शाम होते ही मैदान में भीड़ बढ़ने लगी और लोग रावण दहन देखने के लिए अपनी जगह सुनिश्चित करते नजर आए।

राजघराने में गद्दी पूजन की परंपरा निभाई गई

रीवा में विजयादशमी के अवसर पर राजघराने में गद्दी पूजन की परंपरा का विशेष महत्व है। इस वर्ष भी दशहरे पर विधि-विधान से गद्दी पूजन संपन्न हुआ। यह परंपरा क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी हुई है।

गद्दी पूजन के बाद शहर में दशहरा उत्सव का माहौल और उत्साहपूर्ण हो गया। पर्व के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देने वाले रावण दहन कार्यक्रम में भाग लिया।

56 फीट ऊंचा रावण रहा आकर्षण का केंद्र

इस साल रीवा के दशहरा मैदान में 56 फीट ऊंचे रावण का पुतला तैयार किया गया था। इसके साथ ही 45-45 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी बनाए गए। तीनों पुतलों को देखने के लिए लोग बड़ी संख्या में मैदान पहुंचे।

रावण दहन दशहरे के प्रमुख आयोजनों में शामिल है। भगवान राम की ओर से रावण पर विजय की स्मृति में मनाए जाने वाले इस पर्व पर पुतलों का दहन बुराई, अहंकार और अन्याय के अंत का प्रतीक माना जाता है। रीवा में भी इस परंपरा के तहत आयोजन किया गया।

हजारों की संख्या में मैदान पहुंचे लोग

रावण दहन देखने के लिए दशहरा मैदान में हजारों लोगों की भीड़ एकत्रित हुई। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखने को मिला। दशहरे के मौके पर शहर में उत्सव का माहौल रहा और लोगों ने एक साथ मिलकर पर्व मनाया।

ऐसे सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ को व्यवस्थित रखना और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। हालांकि, इस आयोजन में सुरक्षा इंतजामों और रावण दहन के सटीक समय के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

रीवा में राजघराने की गद्दी पूजन परंपरा और दशहरा मैदान में रावण, कुंभकर्ण तथा मेघनाद के पुतलों का आयोजन विजयादशमी के प्रमुख आकर्षण रहे। इस तरह शहर में ऐतिहासिक परंपरा और धार्मिक उत्सव का संगम देखने को मिला।

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