भादौ के दूसरे सोमवार पर आज उज्जैन में निकलेगी बाबा महाकाल की राजसी सवारी, देशभर से पहुंचेंगे श्रद्धालु
मध्य प्रदेश के उज्जैन में भादौ मास के दूसरे सोमवार पर आज भगवान महाकाल की राजसी सवारी निकाली जाएगी। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर से निकलने वाली इस भव्य सवारी में शामिल होने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की उम्मीद है। बाबा महाकाल की सवारी को लेकर मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
साढ़े पांच किलोमीटर का होगा सवारी मार्ग
भगवान महाकाल की राजसी सवारी का मार्ग करीब साढ़े पांच किलोमीटर लंबा होगा। परंपरा के अनुसार बाबा महाकाल नगर भ्रमण पर निकलेंगे और भक्तों को दर्शन देंगे। सवारी के दौरान जगह-जगह श्रद्धालु भगवान महाकाल का स्वागत करेंगे।
सवारी मंदिर से निकलकर निर्धारित मार्गों से होते हुए शहर के प्रमुख क्षेत्रों से गुजरेगी। इस दौरान पूरे मार्ग को आकर्षक रूप से सजाया गया है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
राजसी सवारी को देखते हुए उज्जैन पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और निर्धारित स्थानों से ही बाबा महाकाल के दर्शन करें।
धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है सवारी
महाकाल की सवारी उज्जैन की धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सावन और भादौ मास में निकलने वाली सवारियों में देशभर से श्रद्धालु शामिल होते हैं। भादौ मास की राजसी सवारी का विशेष महत्व माना जाता है।
मान्यता है कि इस दिन भगवान महाकाल स्वयं प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं। इसी आस्था के साथ हजारों भक्त सवारी में शामिल होकर बाबा महाकाल के जयकारे लगाते हैं।
भव्य रूप में सजाया गया उज्जैन
राजसी सवारी को लेकर पूरे उज्जैन शहर में उत्साह का माहौल है। मंदिर परिसर से लेकर सवारी मार्ग तक विशेष सजावट की गई है। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है।
आज निकलने वाली बाबा महाकाल की राजसी सवारी में भक्ति, परंपरा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। प्रशासन का अनुमान है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे।

