भादौ के दूसरे सोमवार पर निकलेगी बाबा महाकाल की राजसी सवारी, वीडियो में जाने सिंधिया करेंगे पालकी पूजन; 5 कलाकारों का शाही रूप रहेगा आकर्षण का केंद्र
धार्मिक नगरी उज्जैन में आज भादौ महीने के दूसरे सोमवार पर भगवान महाकाल की राजसी सवारी निकाली जाएगी। बाबा महाकाल की इस भव्य सवारी में शामिल होने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। यह सवारी करीब साढ़े पांच किलोमीटर लंबे मार्ग से होकर गुजरेगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं। महाकाल की सवारी की शुरुआत परंपरागत विधि-विधान के साथ होगी। इस दौरान भगवान महाकाल चांदी की पालकी में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस खास अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पालकी का पूजन करेंगे।
आज निकलेगी सावन-भादौ की आखिरी सवारी
महाकाल की सवारी की धार्मिक परंपरा सावन और भादौ महीने में विशेष रूप से निभाई जाती है। इस साल सावन की चार और भादौ की एक सवारी पहले ही निकल चुकी है। सोमवार को निकलने वाली यह छठी और आखिरी सवारी होगी।सवारी के दौरान भगवान महाकाल के दर्शन के लिए सड़कों के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। भक्त बाबा महाकाल के जयकारों के साथ उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते हैं। उज्जैन की गलियां इस दौरान भक्ति और आस्था के रंग में रंग जाती हैं।
शाही अंदाज में शामिल होते हैं 5 कलाकार
महाकाल की सवारी में शामिल होने वाली एक खास टोली हर बार श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करती है। इस टोली में शामिल 5 कलाकार विशेष राजसी रूप धारण करते हैं। उनकी वेशभूषा, पगड़ी, आभूषण और पारंपरिक हथियारों से सजा अंदाज लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनता है।
इन कलाकारों को इस विशेष रूप में तैयार होने में करीब दो घंटे का समय लगता है। मेकअप से लेकर पोशाक पहनने तक की पूरी प्रक्रिया बेहद सावधानी से की जाती है। इसके बाद कलाकार करीब 11 से 15 किलो वजन वाली राजसी पोशाक पहनकर पूरी सवारी में पैदल चलते हैं।इन कलाकारों का शाही स्वरूप महाकाल की सवारी की भव्यता को और बढ़ा देता है। श्रद्धालु इनके साथ फोटो लेने और इस अनोखे रूप को देखने के लिए उत्साहित रहते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के खास इंतजाम
महाकाल की सवारी में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है।प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और निर्धारित मार्गों का पालन करें। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की टीमें पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखेंगी।भादौ के दूसरे सोमवार की यह राजसी सवारी धार्मिक आस्था, परंपरा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगी। बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ने वाला जनसैलाब एक बार फिर उज्जैन की आध्यात्मिक भव्यता को प्रदर्शित करेगा।

