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गणेश चतुर्थी पर गणेश स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भस्म आरती में रजत आभूषणों से हुआ दिव्य श्रृंगार

गणेश चतुर्थी पर गणेश स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भस्म आरती में रजत आभूषणों से हुआ दिव्य श्रृंगार

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल को गणेश स्वरूप में सजाया गया। इस दौरान भगवान को रजत आभूषण धारण कराए गए और भांग-चंदन से आकर्षक श्रृंगार किया गया। बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।

गणेश चतुर्थी के मौके पर महाकाल मंदिर में भस्म आरती का विशेष महत्व रहा। तड़के भस्म आरती के दौरान मंदिर के गर्भगृह में बाबा महाकाल का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद भगवान का विशेष श्रृंगार कर उन्हें गणेश स्वरूप प्रदान किया गया। श्रृंगार के दौरान रजत आभूषणों का इस्तेमाल किया गया, वहीं भांग और चंदन से बाबा का स्वरूप सजाया गया।

बाबा महाकाल के गणेश स्वरूप को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और गणपति बप्पा मोरया के जयकारे गूंजते रहे। भक्तों ने बाबा महाकाल के इस विशेष स्वरूप के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।

महाकाल मंदिर में विभिन्न पर्व और धार्मिक अवसरों पर बाबा महाकाल का अलग-अलग स्वरूपों में श्रृंगार करने की परंपरा है। इसी परंपरा के तहत गणेश चतुर्थी पर बाबा महाकाल को गणेश स्वरूप में सजाया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव और भगवान गणेश का संबंध पिता-पुत्र का है, इसलिए गणेश उत्सव के दौरान महाकाल के इस विशेष स्वरूप का दर्शन श्रद्धालुओं के लिए खास माना जाता है।

भस्म आरती महाकाल मंदिर की सबसे प्रसिद्ध धार्मिक परंपराओं में शामिल है। इस आरती में शामिल होने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। गणेश चतुर्थी जैसे विशेष पर्व पर आरती और श्रृंगार को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिलता है।

गणेश स्वरूप में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भक्तों ने बाबा के दिव्य रूप के दर्शन कर भगवान शिव और गणेशजी का आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में पूरे दिन धार्मिक माहौल बना रहा और गणपति उत्सव की भक्ति के साथ महाकाल की नगरी शिवमय नजर आई।

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