भोपाल में आज फिर ‘नो UPI डे’: चावल-दाल व्यापारियों का सांकेतिक आंदोलन, MDR चार्ज का विरोध
भोपाल में चावल और दाल कारोबार से जुड़े व्यापारी आज एक बार फिर ‘नो UPI डे’ मना रहे हैं। व्यापारियों ने UPI पेमेंट पर लगने वाले MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट चार्ज के विरोध में यह सांकेतिक आंदोलन शुरू किया है। आंदोलन के तहत व्यापारी आज डिजिटल पेमेंट के बजाय नकद भुगतान को प्राथमिकता दे रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है, लेकिन कारोबारियों पर अलग-अलग तरह के शुल्क का असर पड़ता है। इसी के विरोध में चावल-दाल व्यापारियों ने एक दिन के लिए UPI से भुगतान नहीं लेने का फैसला किया है।
MDR चार्ज का विरोध
व्यापारियों का मुख्य विरोध MDR चार्ज को लेकर है। उनका कहना है कि छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए डिजिटल भुगतान पर लगने वाले शुल्क से अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। व्यापारियों ने इस मुद्दे पर सरकार और संबंधित संस्थाओं का ध्यान आकर्षित करने के लिए सांकेतिक आंदोलन का रास्ता चुना है।
‘नो UPI डे’ के दौरान ग्राहकों को भुगतान के लिए नकद या अन्य उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल करने के लिए कहा जा रहा है।
व्यापारियों ने एकजुट होकर जताया विरोध
चावल और दाल कारोबार से जुड़े व्यापारियों के इस अभियान का उद्देश्य अपनी मांग को व्यापक स्तर पर सामने रखना है। व्यापारियों का कहना है कि वे डिजिटल भुगतान व्यवस्था के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन शुल्क को लेकर उनकी अपनी चिंताएं हैं।
व्यापारियों के मुताबिक, UPI के माध्यम से रोजाना बड़ी संख्या में लेनदेन होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क सीधे कारोबार की लागत को प्रभावित कर सकता है। इसी वजह से उन्होंने सांकेतिक रूप से UPI का इस्तेमाल रोककर अपनी बात रखने का निर्णय लिया है।
ग्राहकों को करना पड़ सकता है नकद भुगतान
‘नो UPI डे’ के चलते आज चावल और दाल से जुड़े कुछ कारोबारियों के यहां ग्राहकों को डिजिटल पेमेंट की सुविधा नहीं मिलने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में खरीदारी करने वाले ग्राहकों को नकद राशि साथ रखने की सलाह दी जा रही है।
व्यापारियों का कहना है कि यह आंदोलन सांकेतिक है और इसका उद्देश्य अपनी मांगों की ओर सरकार और संबंधित पक्षों का ध्यान आकर्षित करना है। MDR चार्ज को लेकर आगे भी व्यापारियों की ओर से चर्चा और विरोध की रणनीति तय की जा सकती है।

